-
Advertisement
GST परिषद की 40वीं बैठक: छोटे Taxpayers के लिए राहत का एलान, जानिये अन्य फैसले
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी परिषद की 40वीं बैठक (40th meeting of GST Council) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। निर्मला सीतारमण के अलावा इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) भी मौजूद थे। इस बैठक में जीएसटी लेट फीस से परेशान कारोबारियों को राहत मिली है। वहीं बैठक में जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि जुलाई, 2017 से जनवरी, 2020 के दौरान मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न दाखिल नहीं करने पर अधिकतम विलंब शुल्क 500 रुपए तय किया गया।
मई से जुलाई के बीच जीएसटी रिटर्न दाखिल करते समय विलंब शुल्क नहीं लगेगा
https://twitter.com/FinMinIndia/status/1271324555294830592
वित्त मंत्री ने बताया कि कोरोना संकट के पहले जुलाई 2017 से जनवरी 2020 के बीच के अवधि में कई लोगों की रिटर्न फाइलिंग बची हुई है। ऐसे लोग जिनकी कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं है लेकिन उन्होंने अभी तक अपना रिटर्न नहीं भरा है, उनको लेट फीस नहीं देनी होगी। बैठक में छोटी कंपनियों को राहत देते हुए विलंब से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने पर ब्याज को घटाकर आधा कर दिया है। ऐसी कंपनियों को लेट से जीएसटी फाइल करने पर 9 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा। वहीं, मई से जुलाई के बीच जीएसटी रिटर्न (GST Return) दाखिल करते समय विलंब शुल्क नहीं लगेगा।
यह भी पढ़ें: Uttarakhand में दौड़ेगी Metro: हरिद्वार से ऋषिकेश के रूट को सरकार ने दी अनुमति
बैठक में जीएसटी दर में कटौती को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बैठक बाद आयोजित किए संवाददाता सम्मेलन में बैठक में निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी परिषद फुटवियर, उर्वरक और कपड़ा क्षेत्र में उलट शुल्क ढांचा सुधारने पर गौर कर रही है। पान मसाले पर टैक्स को लेकर संवाददाताओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पान मसाले पर कर लगाने को लेकर जीएसटी परिषद की अगली नियमित बैठक में विचार होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों की मुआवजा की जरूरतों पर विचार के लिए एक विशेष बैठक जुलाई में होगी। उसका केवल यही एक एजेंडा होगा। वहीं इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को लेकर किसी भी तरह के फैसले को फिलहाल टाल दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि शुक्रवार की बैठक में जीएसटी दर में कटौती को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
