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Kargil Vijay Diwas : पहाड़ के वीरों के सामने दुश्मन हो गया था ढेर, 52 जवानों ने दिया था बलिदान
Kargil Vijay Diwas 2025 : आज के दिन यानी 26 जुलाई को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) मनाया जाता है। 26 जुलाई का दिन उन वीर सपूतों की याद में समर्पित है जिन्होंने वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में देश की सरहदों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वर्ष 1999 में ऑपरेशन विजय में सेना के कुल 527 जवान बलिदान हुए। उनमें से 52 जवान हिमाचल (Himachal) के थे। जबकि इनमें सबसे अधिक जवान 15 कांगड़ा जिला (Distt Kangra) से ताल्लुक रखते थे। कारगिल के हीरो कहे जाने वाले बलिदानी कैप्टन विक्रम बत्रा (Captain Vikram Batra) भी कांगड़ा जिला के पालमपुर से ताल्लुक रखते थे। कारगिल के युद्ध में हर मोर्चे पर रहने वाले विक्रम बत्रा सात जुलाई 1999 को देश की सरहदों की रक्षा करते 4875 चोटी पर बलिदान हो गए थे। विक्रम बत्रा की प्रारंभिक शिक्षा पांचवीं तक डीएवी स्कूल पालमपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने जमा दो तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय पालमपुर से ही की। विक्रम बत्रा के जुड़वां भाई विशाल बत्रा हैं। विक्रम बत्रा अपने भाई से 14 मिनट बड़े हैं। लिहाजा, विक्रम बत्रा को घर में लव और विशाल बत्रा को कुश कहा जाता था। विशाल बत्रा एक निजी बैंक में अधिकारी हैं। विक्रम बत्रा की शहादत और उनके जज्बे को देख बॉलीवुड ने उनके जीवन पर शेरशाह फिल्म बनाई थी। जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था।
कारगिल के प्रथम बलिदानी कैप्टन सौरभ कालिया कांगड़ा से रखते थे ताल्लुक
कारगिल युद्ध के प्रथम बलिदानी कैप्टन सौरभ कालिया (Captain Saurabh Kalia) भी जिला कांगड़ा से ताल्लुक रखते थे। 1999 में हुए कारगिल युद्ध में बलिदानी हुए कैप्टन सौरभ कालिया को पाकिस्तान सेना ने अमानवीय यातनाएं दी थी। कालिया के अंगों को क्षत.विक्षत कर दिया गया है। उनके शरीर पर सलाखों के निशान थे। वहीं,कारगिल युद्ध के बलिदानी (Captain Amol Kalia) कैप्टन अमोल कालिया ऊना जिले के चिंतपूर्णी के थे। उनकी यादों को ताजा रखने के लिए परिवार ने उनकी हर चीज को सहेज कर रखा है। परिवार ने मकान की छत पर एक तोप का मॉडल भी बना कर रखा हैए जिसका मुंह पाकिस्तान की तरफ किया गया है। बलिदानी कैप्टन अमोल कालिया मेमोरियल सोसायटी हर साल शहीद कैण् अमोल कालिया के जन्मोत्सव और शहीदी दिवस को उत्साह के साथ मनाती है। अमोल कालिया के बड़े भाई अमन कालिया भी देश सेवा में तत्पर हैं। वह वायु सेना में बतौर ग्रुप कैप्टन तैनात हैं और इस वक्त राजस्थान के सूरतगढ़ में सेवाएं दे रहे हैं। शहीद कैप्टन अमोल कालिया को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने करीब साढ़े तीन साल भारतीय सेना में सेवाएं दी।
-पंकज शर्मा

