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हिमाचल:बिजली बोर्ड में बाहरी राज्य के 54 लोगों को चयन, कांगेस ने घेरी जयराम सरकार

यूपी-बिहार से 14 लोगों का चयन

हिमाचल:बिजली बोर्ड में बाहरी राज्य के 54 लोगों को चयन, कांगेस ने घेरी जयराम सरकार

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरियां देने पर हमेशा विवाद होता आया है। एक बार फिर इस मुद्दे पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। दरअसल हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HPSSC) की ओर से जेई इलेक्ट्रिक (JE ELECTRIC) के कुल 216 पदों पर आयोजित की गई भर्ती में बाहरी राज्यों के 54 लोगों को नौकरियां दी गई हैं।

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ये भर्ती परीक्षा 2018 में शुरू हुई थी। बाद में इस भर्ती के परिणाम पर कोर्ट की ओर से स्टे लगा दिया गया था. अब इस भर्ती प्रक्रिया का रिजल्ट सामने आया है. 216 में से 54 पदों पर बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमे से 16 लोग यूपी, बिहार के हैं। बाहरी राज्यों के युवाओं को नौकरी देने पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर प्रदेश के युवाओं के साथ धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस महासचिव और विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भर्तियों पर सवाल उठाए हैं।

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शिमला में पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस महासचिव विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा कर रही है। प्रदेश में लगभग साढ़े 12 लाख युवा बेरोजगार हैं और सरकार नौकरियां दूसरे राज्यों के लोगों को दे रही हैं। बिजली बोर्ड में यूपी, बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली के लोगों को जेई इलेक्ट्रिक के पद पर भर्ती किया गया है जो कि प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है।

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विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इससे पहले भी सरकार ने सचिवालय में क्लर्क के पदों पर बाहरी राज्यों के युवाओं को नौकरी दी थी। कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है और आने वाले समय मे सरकार के खिलाफ इसको लेकर मोर्चा खोला जाएगा। वहीं, सोशल मीडिया पर भी युवाओं ने इसका विरोध जताया है।

बता दें कि 3 मार्च 2020 में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में कहा था कि पिछले दो सालों में हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के 136 लोगों को विभिन्न विभागों में नौकरियां दी गई हैं जिनमें 12 लोगों को आउटसोर्स आधार पर रखा गया है। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के समय 197 बाहरी लोगों को नियुक्तियां दी गई थीं।

 

 

क्या कहता है राज्य सरकार का कानून

बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को नौकरियां देने का विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी इस पर कई विवाद हो चुका है। 19 नवंबर 2019 को कैबिनेट बैठक में जयराम सरकार ने ये फैसला किया था कि बाहरी लोगों को तृतीय श्रेणी की नौकरी तभी मिलेगी, जब उन्होंने प्रदेश से दसवीं व जमा दो की परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पास की होगी। इसी तरह से चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए आठवीं और दसवीं हिमाचल से करने वाले भी नौकरी के लिए पात्र होंगे।

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