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TransportDepartment / InfrastructureDevelopment /CMSukhu
हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित कंडवाल बैरियर रोजाना सैकड़ों भारी वाहनों की आवाजाही का मुख्य प्रवेशद्वार है। क्रेशर मटेरियल, ईंट, सरिया, सीमेंट और अन्य भारी सामान से लदे 16, 18 और 22 टायरों वाले ट्रक यहां से गुजरते हैं। पर हैरानी की बात यह है कि इतने महत्वपूर्ण बैरियर पर आज तक भार तोलक मशीन धर्म कांटा स्थापित नहीं हो सका है।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले ही डांवाडोल है, ऐसे में राजस्व बढ़ाने का सीधा अवसर यूं हाथ से फिसलना चौकाने वाला है। वर्षों पहले मशीन लगाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन फोरलेन निर्माण का हवाला देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब फोरलेन पूरा होने के बाद भी विभाग एनओसी न मिलने का बहाना बनाकर बैठा है।

