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Yes Bank ने 2900 करोड़ बकाया ना चुकाने पर Reliance ग्रुप के मुख्यालय को कब्ज़े में लिया
मुंबई। लोन डिफॉल्ट को लेकर यस बैंक (Yes Bank) ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। यस बैंक ने रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा करीब 2,900 करोड़ के बकाए कर्ज़ (Loan) का भुगतान नहीं करने के चलते अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के सांताक्रूज़ (मुंबई) स्थित मुख्यालय ‘रिलायंस सेंटर’ (Reliance Center) को अपने कब्ज़े में ले लिया है। इसके अलावा बैंक ने दक्षिण मुंबई स्थित ‘नागिन महल’ के दो फ्लोर का कब्ज़ा भी अपने हाथ में ले लिया है। बिल्डिंग का कब्जा सिक्योरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट (SARFESI) के तहत हुआ।
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बैंक ने कहा कि उसने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को 2892 करोड़ का लोन दिया था। यह प्रक्रिया उसकी रिकवरी के सिलसिले में अपनाई गई है। बैंक ने कहा कि उसने 6 मई को बकाया वसूलने की मांग की थी और नोटिस के 60 दिनों के बाद भी चुकाने में विफल रहने के बाद इन संपत्तियों पर कब्जा कर लिया। बैंक को अधिकार है कि वह डिफॉल्टर के असेट को अपने अधिकार में ले और उसकी बिक्री कर कर्ज की भरपाई करे। इस बारे में बुधवार को बैंक ने विज्ञापन भी दिया था। इस साल मार्च में अनिल अंबानी ने ED ( एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) के अधिकारियों से कहा था कि यस बैंक ने ADAG को जितना भी लोन दिया है वह सब सिक्योर्ड हैं। यह सब नियमों के मुताबिक ही दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ADAG ग्रुप का डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से राणा कपूर, उनकी पत्नी और उनकी बेटियों की कंपनी में कोई निवेश नहीं है। अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की स्थापना अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने 10 जुलाई, 2006 में की थी।

