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HPPSC मेडिकल ऑफिसर भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित, 162 अभ्यर्थियों का चयन
HPPSC Result: हिमाचल प्रदेश में सरकारी डॉक्टर बनने का सपना देख रहे सैकड़ों युवाओं का इंतजार खत्म हो गया है। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत मेडिकल ऑफिसर (जनरल विंग) ग्रुप-ए (जॉब ट्रेनी) भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 232 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिनमें से 162 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए सफल घोषित किया गया है। वहीं, योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण 70 पद खाली रह गए हैं।
लिखित परीक्षा के परिणामों के आधार पर कुल 299 अभ्यर्थियों को पर्सनैलिटी टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिसके बाद यह अंतिम चयन सूची तैयार की गई है।चयनित उम्मीदवारों का वर्गवार विवरणआयोग ने सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित सभी पद भर दिए हैं।
श्रेणी (Category)चयनित उम्मीदवारों की संख्या
सामान्य (General)49
अनुसूचित जाति (SC)14
अनुसूचित जनजाति (ST)7
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)20
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)12
पूर्व सैनिक आश्रित (Ward of Ex-Servicemen)59
बेटियों का दबदबा: श्रेया वालिया ने किया टॉपजारी की गई मेरिट सूची में बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है।
प्रथम स्थान: श्रेया वालिया
द्वितीय स्थान: श्रेया चंदेल
तृतीय स्थान: शगुन शर्मा
इनके अलावा चयनित 162 अभ्यर्थियों की सूची में रविकांत, शिवानी शर्मा, साक्षी ठाकुर, शुभांगी, आरती, दिव्या चौहान और राकेश कुमार सहित कई अन्य नाम शामिल हैं।
क्यों खाली रह गए 70 पद
HPPSC के अनुसार, ऑर्थो फिजिकली हैंडीकैप्ड, एक्स-सर्विसमैन और वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर जैसी आरक्षित श्रेणियों में पर्याप्त योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हो सके। इस कारण ये 70 पद रिक्त रह गए।
पदों का स्थानांतरण:आयोग ने स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिक आश्रित (Ward of Ex-Servicemen) श्रेणी में भी पर्याप्त पात्र उम्मीदवार नहीं मिले। इसके चलते राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस श्रेणी के 42 पदों को संबंधित अवशिष्ट (residual) श्रेणियों में स्थानांतरित कर भरा गया:सामान्य वर्ग (General): 24 पदअनुसूचित जाति (SC): 8 पदअनुसूचित जनजाति (ST): 5 पदअन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 5 पदचयनित सभी उम्मीदवारों को राज्य स्वास्थ्य विभाग में जल्द ही नियुक्ति प्रदान की जाएगी, जिससे प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को कुछ हद तक दूर किया जा सकेगा।
संजू चौधरी

