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हिमाचल हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव और राज्य प्रदूषण बोर्ड को किया जवाब तलब
शिमला। हिमाचल उच्च न्यायालय ने हमीरपुर जिले के तहत ग्राम पंचायत जोल सपड़ में स्टोन क्रशर की स्थापना से जुड़े मामले में मुख्य सचिव सहित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उपायुक्त हमीरपुर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमथ व न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने ये आदेश मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लेते यह आदेश जारी किए।
याचिकाकर्ता दलीप सिंह ने आरोप लगाया है कि रमेश कुमार ने स्टोन क्रशर की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत जोल सपड़ से अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था और पंचायत ने क्षेत्र पर इसके प्रतिकूल प्रभाव पर विचार किए बिना इसे जारी कर दिया था। प्रार्थी का आरोप है कि कुनाह खड्ड में क्रशर के साथ वाटर लिफ्टिंग प्रोजेक्ट लगा है, जो पानी का स्तर लगातार नीचे जाने से बंद होने की कगार पर है।
स्टोन क्रशर के कारण मवेशियों का हरा चारा भी प्रदूषित हो रहा है और पेड़ों पर धूल जम रही है और पूरा वातावरण प्रदूषित हो रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बने राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाली लिंक सड़कों को भारी भरकम टिपर क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। इतना ही नहीं खड्ड में 30-40 फीट की गहराई तक खनन किया जा रहा है और खनन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
खनन अधिकारियों ने इस तरह के स्पष्ट उल्लंघन के बावजूद कभी भी मौके का दौरा नहीं किया है। अंधाधुंध खनन के कारण हैंडपंपों का जलस्तर भी काफी कम हो रहा है और इसके साथ ही इंसानों और जानवरों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आरोप है कि क्षेत्र में अस्थमा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं जो पहले से ही कोरोना महामारी के कारण बनी भयावह स्थिति को बढ़ा रही है। खड्ड में गहरे गड्ढे हो जाने से खड्ड के पास का एक घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त भी हो गया है और पूरे गांव को खतरा है। इससे हो रहे नुकसान को देखते हुए प्रार्थी ने स्टोन क्रेशर को तत्काल बंद करने के आदेश जारी करने की प्रार्थना की है।
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