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हिमाचल में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पिलाई दो बूंद जिंदगी की
शिमला: हिमाचल में आज यानी रविवार को पल्स पोलियो अभियान (Pulse Polio Campaign) के तहत पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई (दो बूंद जिंदगी की) गई। पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश भर में करीब 5700 से भी अधिक बूथ बनाए गए थे, जहां पांच साल तक के बच्चों को पोलिया की दवा पिलाई गई। लाहुल स्पीति और किन्नौर जिला को छोड़कर प्रदेश के 10 जिला में कुल 521780 बच्चों को जिंदगी की दो बूंद पिलाई गई। पोलियो बूथ में सुबह से ही बच्चों व उनके अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। जानकारी देते हुए एनएचएम (NHM) के एमडी हेमराज भैरवा ने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रदेश के लगभग 605379 बच्चों (Child) को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आज बूथों पर दवा पिलाने के बाद करीब 10700 से अधिक टीमें घर.घर जाकर यह सुनिश्चित करेगी कि पांच साल से कम उम्र का कोई बच्चा छूटा तो नही है।
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इसके साथ ही 577 मोबाइल टीमें पूरे हिमाचल में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और प्रवासी बच्चों को कवर करेंगी। उन्होंने बताया कि बस स्टैंडों पर 120 ट्रांजिट बूथ बनाए गए हैं। इसके साथ ही पर्यटन स्थलों पर भी बूथ लगाए गए थे। जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति और किन्नौर में बर्फबारी और खराब मौसम के कारण पल्स पोलियो अभियान नहीं चलाया गया। इन दो जिलों में पोलियो अभियान की तारीखों की सूचना बाद में दी जाएगी। उन्होंने जनता से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि उनके पांच साल से कम उम्र के बच्चों को 27 फरवरी को पोलियो की दवा पिलाई जाएए भले ही उनकी पिछली टीकाकरण स्थिति कुछ भी हो।

राज्यपाल ने धर्मशाला अस्पताल में पोलियो ड्रॉप्स का किया शुभारंभ
पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत कांगड़ा जिला में आज शून्य से पांच वर्ष की आयु के 1 लाख 21 हजार नौनिहालों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा रही है। जिला कांगड़ा में इस अभियान का शुभारंभ राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर (Governor Vishwanath Arlekar) ने जोनल अस्पताल धर्मशाला में बच्चे को पोलियो ड्रॉप्स (Polio Drops) की खुराक पिलाकर किया। इस अवसर पर राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि आज के दिन में पल्स पोलियो अभियान का एक और डोज पूरे देश में दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैसे तो पल्स पोलियो को हम अपने देश से लगभग खत्म कर चुके हैंए फिर भी एतिहात के तौर पर और अपने आसपास एवं अन्य देशों से भी यह पल्स पोलियो आने की संभावना है। इसको ध्यान में रखते हुए पूरे देशभर में आज के दिन और एक बूस्टर डोज दी जा रही है।
शिमला में पल्स पोलियो अभियान की निकली हवा
राजधानी शिमला में बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के दावों की हवा निकलती दिखी। रविवार को पोलियो पिलाने का पहला ही दिन था। वहींए ठंड के बीच परिजनों में भी बच्चों को पोलियो पिलाने के लिए काफी जोश था, लेकिन पोलियो बूथ में बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स नहीं मिली। ऐसे में बच्चों को बिना पोलियो पिलाए ही वापिस घर की ओर जाना पड़ा। मामला संकटमोचन व कच्चीघाटी में सामने आया है। यहां बच्चे लेकर जब परिजन पोलियो बूथ पर पहुंचे तो वहां पर कर्मचारियों ने सीधे तौर पर कहा कि हमारे पास पोलियो ड्रॉप्स उपल्बध नहीं है।
जो ड्रॉप्स उपल्बध थी वह बच्चों को पिला दी हैं। ऐसे में छोटे बच्चों को ठंड के बीच परिजनों को बिना पोलियो ड्रॉप्स पिलाए वापिस घर की ओर लाने पड़े। इस संबंध में जिला प्रोग्रामर ऑफिसर पोलियो डॉ. मनीष ने कहा कि इस बारे में मुझे मालूम नहीं है कि बच्चों को पोलियों की खुराक कम पड़ गई है। जिले में 60 हजार के करीब बच्चों को पोलियो पिलाने का लक्ष्य रखा गया था। जिन बच्चों को पोलियो नहीं पिलाई गई है। उन्हें सोमवार को घर द्वार पर पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी। संकटमोचन व कच्चीघाटी में पोलियो की दवाई खत्म होने के बारे में मुझे ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।
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