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वनरक्षक राजेश का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, वन मंत्री बोले-दिलाएंगे शहीद का दर्जा
ऊना। बंगाणा उपमंडल के तहत सैली में जंगल में लगी आग बुझाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वन रक्षक राजेश कुमार ( Forest Guard Rajesh Kumar) का उनके पैतृक गांव बदोली में आज अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान( State honors) के साथ किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में वन मंत्री राकेश पठानिया( Forest Minister Rakesh Pathania) भी पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि राजेश कुमार ने कर्तव्य परायणता का परिचय देते हुए अपने फर्ज के लिए कुर्बानी दी है और प्रदेश सरकार उन्हें शहीद का दर्जा देगी। यह मामला कैबिनेट( Cabinet) में ले जाया जाएगा और सरकार शहीद के परिवार से एक सदस्य को नौकरी भी प्रदान करेगी। साथ ही पत्नी को नियमानुसार पेंशन भी प्रदान की जाएगी।
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https://twitter.com/irakeshpathania/status/1529349925976215552
उन्होंने कहा कि वन रक्षक राजेश कुमार के परिवार को प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन ऊना हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए डीसी ऊना राघव शर्मा, एसपी अर्जित सेन ठाकुर सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।वनरक्षक राजेश कुमार की पार्थिव देह मंगलवार देर शाम उनके पैतृक गांव बदोली पहुंची। राजेश का शव गांव में पहुंचते ही मातमी चीत्कार के साथ सन्नाटा पसर गया। हादसे के बाद नाजुक हाल में राजेश को पीजीआई रेफर किया गया था, जहां 3 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच चली जंग राजेश हार गया। फर्ज की राह पर प्राणों की आहुति देने वाले राजेश ने एक मिसाल कायम की है।
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