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तीसरी सूची में भी इस सीट को करना पड़ा पेंडिंग-क्या है कारण पढ़े
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Himachal Pradesh Assembly Election 2022) का दंगल चल रहा है। लेकिन कांग्रेस अभी तक हमीरपुर सीट (Hamirpur Seat) पर फंसी हुई दिख रही है। एक तरह से कहें तो ये सीट कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन चुकी है। आज कांग्रेस कैंडिडेट की तीसरी सूची भी जारी हो गई,लेकिन हमीरपुर का नाम उसमें भी नहीं आया। अचंभित करने वाली बात है ,कि कांग्रेस अभी तक इस सीट पर कैंडिडेट भी तय नहीं कर पा रही है,जबकि नामांकन को अब मात्र एक ही दिन यानी की 25 अक्तूबर ही बचा है। कल व परसों की छुट्टी है। ऐसे में कांग्रेस अभी तक टिकट आवंटन को लेकर ही उलझी हुई है। ऐसा क्या है जो कांग्रेस इस सीट पर कैंडिडेट तय नहीं कर पा रही। अब तो आशीष शर्मा ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। इस सीट पर कल तक ये माना जा रहा था कि आशीष शर्मा पर कांग्रेस पार्टी दांव खेल सकती है। हालांकि,आशीष एक दिन पहले ही बीजेपी से कांग्रेस में आए थे। आशीष शर्मा हिमाचल प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य हैं। वह पहले बीजेपी से टिकट की मांग कर रहे थे। दिल्ली में आयोजित बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति में उनके नाम की चर्चा भी हुई, लेकिन बीजेपी में कुछ लोगों के विरोध के चलते उन्हें टिकट नहीं मिला। इससे नाराज चल रहे आशीष शर्मा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। लेकिन यहां भी कांग्रेस टिकट (Congress Ticket) के अन्य दावेदारों ने उनके नाम पर विरोध जता दिया। इस बीच आज सुबह आशीष शर्मा (Ashish Sharma) ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर डाली।
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आशीष शर्मा का परिवार बीजेपी से संबंधित है, जबकि सास और ससुर की पृष्ठभूमि कांग्रेस की है। उनके ससुर राजेंद्र जार वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर के अध्यक्ष हैं। वह बीसीसीआई (BCCI) के वाइस चेयरमैन भी रहे हैं। ससुर राजेंद्र जार (Rajendra Jar) और सास विद्या जार दोनों विधानसभा क्षेत्र बड़सर से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन, दोनों बार बीजेपी प्रत्याशी से चुनाव हार गए। उन्हीं के दम पर आशीष कांग्रेस की नैया पर सवार होने पहुंचे थे। खैर उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अब कांग्रेस किस पर दांव खेलती है,ये बड़ा सवाल बना हुआ है। चूंकि,इस सीट पर (former MLA Anita Verma) पूर्व विधायक अनीता वर्मा,पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया ,(Dr. Pushpendra Verma) डॉ पुष्पेंद्र वर्मा, सुनील बिटृटू (Sunil Bittu) सरीखे नाम सामने हैं। पेंच ये है कि हिमाचल चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) किसी भी कीमत पर अपने करीबी सुनील बिट्टू को ही टिकट दिलवाने पर अड़े हुए हैं। ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान किस तरह से इस सीट पर कैंडिडेट घोषित करने पर पार पाती है। हालांकि,इस पचड़े से बचने के लिए एक दिन पहले पार्टी ने ऑनलाइन सर्वे (Online Survey) भी करवाया। कांग्रेस की सर्वे एजेंसी की तरफ से फोन पर पूछा गया कि हमीरपुर से किसे टिकट दिया जाए। लेकिन पार्टी आज तीसरी सूची जारी करते हुए भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

