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हिमाचल में ‘आप’ की पोल खोलने पहुंचे पंजाब के शिक्षक, शिमला में रैली निकाल की नारेबाजी
शिमला। हिमाचल विधानसभा चुनाव (Himachal Vidhan Sabha Election) में जहां आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) अपनी जड़े जमाने का प्रयास कर रही है। वहीं पंजाब के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने हिमाचल में आकर आम आदमी पार्टी की मुशिकलें बढ़ा दी हैं। पंजाब के टेट पास टीचर्स ने शिमला में आम आदमी पार्टी के खिलाफ :पोल खोल” रैली का आयोजन किया और धरना दिया। टीचर्स (Teachers) का आरोप है कि ओडीएल शिक्षकों को नियमित करने का कोई ऑर्डर अभी तक नहीं दिया गया है। जिसके लिए आज सरकार के खिलाफ उन्हें शिमला (Shimla) का रुख करना पडा। शिक्षकों का कहना है कि आम आदमी पार्टी हिमाचल में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के जो पहलु दिखा रही हैं, वह जनता को गुमराह करने की कोशिश है। हकीकत कुछ और है। शिक्षा को प्राथमिकता देने के आम आदमी पार्टी के दावे और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रभारी हरजोत सिंह बैंस का शिक्षकों के साथ किए जा रहें अन्याय के खिलाफ पंजाब के करीब 300 शिक्षक शिमला के शेर ए पंजाब पर पोल खोल धरने पर बैठे हैं, ताकि उनकी मांगे पूरी हो और हिमाचल की जनता किसी बहकावे में ना आए।
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डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब (Democratic Teachers Front Punjab) के अध्यक्ष विक्रम देव सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के सारे दावे खोखले निकले। जिससे पंजाब के सरकारी स्कूलों (Govt School) में शिक्षकों और अन्य स्टाफ के 25ए000 से अधिक पद अभी भी खाली हैं। इसी तरह पंजाब में जिला शिक्षा अधिकारियोंए ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल शिक्षकों के 40 फीसदी पद खाली हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Education Minister Harjot Singh Bains) के अपने जिले रूपनगर में कई ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के बिना चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा में सुधार के झूठे वादे हिमाचल में दोहरा रही है। जिसका जवाब आज सरकार को उसी के लहजे में दिया जा रहा है। डेमोक्रटिक टीचर्स फ्रंट यूनियन का आरोप है कि आम आदमी पार्टी केवल सत्ता में आने के लिए लुभावनी घोषणाएं करती है। पंजाब में चुनाव के समय युवाओं और बेरोजगारों का वोट पाने के लिए शिक्षा के मुद्दे को उठाया और उसमें सुधार करने का आश्वासन दियाए जिसकी बदौलत आप सत्ता में आई। सत्ता में आते ही सरकार सब कुछ भूल गई। अब हिमाचल में भी यही सब किया जा रहा है।

