-
Advertisement
राधाष्टमी पर श्रद्धालुओं ने डल झील में लगाई आस्था की डुबकी
धर्मशाला। राधाष्टमी (Radha Ashtami) के पावन अवसर पर दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने मैक्लोडगंज स्थित डल झील में आस्था की डुबकी लगाई। यह डल झील छोटे मणिमहेश नाम से भी मशहूर है। मंदिर के पुजारी सुभाष चंद ने सुबह डल शुद्धिकरण के साथ स्नान का शुभारंभ किया। इसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ गई, दोपहर दो बजे तक करीब 10 हजार श्रद्धालु डलझील में पवित्र स्नान कर चुके थे।
डलझील में महिलाओं के लिए विषेश प्रबंध
स्नान के बाद श्रद्धालुओं (Devotees) ने दुर्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया। झील में स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए प्रशासन की और से पुख्ता प्रबंध किए गए थे। इस बार कोई अनहोनी घटना घटित न हो इसके लिए गोताखोर भी बुलाए गए थे। महिलाओं के स्नान के लिए अलग प्रावधान किया गया था ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस झील की मान्यता है कि जो लोग मणिमहेश की पवित्र डल झील (Dal Lake) तक स्नान करने के नहीं पहुंच पाते हैं वो श्रद्धालु धर्मशाला के नड्डी स्थित डल झील में स्नान करके मणिमहेश के समान स्नान का पुण्य प्राप्त कर लेते हैं।

अतिरिक्त बटालियन तैनात
वहीं, इस बारे में जानकारी देते हुए मैक्लोडगंज (Maclodganj) पुलिस थाना के प्रभारी रिंकू सूर्यवंशी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी डल झील में पवित्र स्नान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि लोगों में इस डल झील को लेकर ऐसी आस्था है कि जो लोग मणिमहेश नहीं जा सकते व लोग इस झील में नहाते है और उन लोगों को वही पूण्य प्राप्त होता है जो मणिमहेश की डल झील में नहाकर लोगों को प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन की तरफ से लोगों की सभी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है और इसी के साथ पुलिस की एक अतिरिक्त बटालियन को भी तैनात किया गया है।
भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
धर्मशाला के एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने कहा कि राधा अष्टमी के दिन लोग जिस प्रकार मणिमहेश (Manimahesh) यात्रा कर पुण्य प्राप्त करते हैं ठीक वैसे ही जो लोग वहां नहीं जा पाते वह धर्मशाला के डल झील में पवित्र स्नान करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में मौसम (Wheather) साफ बने रहने के कारण भारी संख्या में श्रद्धालु आज यहां पहुंचे हैं। इस पवित्र स्नान के दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई है।
यह भी पढ़े:जोनल अस्पताल धर्मशाला के डॉ. राजेश गुलेरी ने किए अपने अंगदान, लोगों को किया प्रेरित
लंगर की व्यवस्था
धर्मशाला के स्थानीय निवासी राजीव महाजन ने बताया कि उनके द्वारा भी राधा अष्टमी के दिन इस पवित्र स्नान पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है और काफी संख्या में श्रद्धालु डल झील पहुंच रहे हैं। जिला कांगड़ा प्रशासन द्वारा और पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए तमाम सुविधाएं श्रद्धालुओं को दी जा रही हैं और इसी के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है।
हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

