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टूट गया डाक सेवकों का सब्र, अफसरशाही के खिलाफ निकाला गुब्बार
अभी अभी डेस्क। हिमाचल प्रदेश में डाक विभाग (Postal Department) में लंबे समय से सेवाएं दे रहे ग्रामीण डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल (Strike) पर है। डाक सेवकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है। आज भी डाक सेवकों ने प्रदेशभर में डाकघरों के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। ऊना के मुख्य डाकघर में ग्रामीण डाक सेवकों ने एकजुट होते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
छुट्टियों में लिया जाता है काम, बदले में एक पैसा भी नहीं मिलता
काबिले गौर है कि 23 अक्टूबर को भी विभाग के कर्मचारियों ने विभाग को चेतावनी (Warning to Department) जारी करते हुए एकदिवसीय हड़ताल की थी। लेकिन मांगों पर कोई गौर ना होते देख ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई थी। ग्रामीण डाक सेवक संघ (Gramin Dak Sevak Sangh) के पदाधिकारी जगतार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में ग्रामीण डाक सेवकों से 8 घंटे काम लेकर 4 घंटे के पैसे दिए जा रहे हैं जबकि उन्हें साल भर में दी जाने वाली 20 छुट्टियां भी काम में लगवाई जा रही है और उसके बदले उन्हें 1 रुपया तक नहीं दिया जा रहा। विभाग की तरफ से ही दी गई छुट्टी लेने पर ग्रामीण डाक सेवकों को अफसरशाही (Bureaucracy) द्वारा प्रताड़ित किया जाता है और उन्हें तब तक छुट्टी नहीं दी जाती जब तक ग्रामीण डाक सेवक अपनी जगह किसी दूसरे को काम न सौंप दें। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा दिया जा रहा वेतन भी नाम मात्र है जिसके चलते ग्रामीण डाक सेवकों को परिवार का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो चुका है।

