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Mahashivratri पर क्यों किया जाता है रुद्राभिषेक, क्या है इसके लाभ यहां जानिए
Mahashivratri 2024: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के पर्व का विशेष महत्व है, ये दिन शिवजी और मां पार्वती को समर्पित होता है। इस दिन भगवान की पूजा के साथ-साथ लोग व्रत भी करते हैं। हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। महाशिवरात्रि मासिक शिवरात्रि से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पर्व को पूरे देश में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि 8 मार्च 2024 दिन शुक्रवार को है। धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन माता पार्वती और शिवजी का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर इच्छापूर्ति के लिए रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और महाशिवरात्रि के दिन तो रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व माना जाता है।
क्या है रुद्राभिषेक?
रुद्राभिषेक का अर्थ होता है भगवान रुद्र का अभिषेक। रुद्राभिषेक दूध, जल, घी, दही, शहद आदि जैसे कई तरह के द्रव्य पदार्थों से किया जाता है और यह तुरंत फलदायी भी होता है। इससे महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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महाशिवरात्रि पर इस तरह करें रुद्राभिषेक
रुद्राभिषेक के वक्त शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखें और रुद्राभिषेक करने वाले भक्त का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। अभिषेक करने के लिए श्रृंगी में गंगाजल डालें और अभिषेक आरंभ करें फिर उसी श्रृंगी से गन्ने का रस, शहद, दही, दूध, पंचामृत इत्यादि तरल पदार्थ हैं, उनसे शिवलिंग का अभिषेक करें। ध्यान रहे कि भोलेनाथ का अभिषेक करते समय भगवान शिव के किसी मंत्र का जाप करते रहना बहुत शुभ होता है। अभिषेक के उपरांत शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं और पान का पत्ता, बेलपत्र, सुपारी आदि सभी चीजें शिवलिंग पर चढ़ाएं। अब भेग लगाएं, बाद में शिव मंत्र का 108 बार जाप करें। फिर अंत में आरती करें। जिस जल से अभिषेक किया हो उसे घर में अवश्य छिड़कें और प्रसाद स्वरूप जल को ग्रहण करें।
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर जल से अभिषेक करने से वर्षा होती है। अगर दही से रुद्राभिषेक करेंगे तो भवन और वाहन की प्राप्ति होती है। धनवृद्धि के लिए शहद-घी से अभिषेक किया जाता है और बीमारियों को दूर करने के लिए इत्र मिश्रित जल से। मान्यता है कि अगर, महाशिवरात्रि पर गाय के दूध से शिवजी का अभिषेक किया जाए तो संतान प्राप्ति होती है। वहीं, शत्रुओं के नाश के लिए सरसों के तेल से अभिषेक किया जाता है।
