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चिट्टे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पंचायतों में तैनात होंगे पुलिस कांस्टेबल, हर जिला में खुलेगा नशा मुक्ति केंद्र
CM Sukhu: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में अब पुलिस में भर्ती से पहले सिंथेटिक ड्रग का डोप टेस्ट करवाना ज़रूरी होगा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार नशे की रोकथाम के लिए गंभीरता से काम कर रही है। चिट्टे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पांच से छह पंचायतों में एक पुलिस कांस्टेबल, एक आशा वर्कर व एक पंचायत सचिव की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके बाद अगले चरण में भांग के नशे को लेकर भी कार्रवाई होगी।
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नए कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा
सीएम ने कहा कि सभी नए कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे चिट्टे का सेवन नहीं करते हैं। राज्य सरकार पुलिस में सुधार के लिए भी की दिशा में भी काम कर रही है। हर जिला में नशा मुक्ति केंद्र खोलने का फ़ैसला लिया गया है। इसके लिए 14.95 करोड़ रुपए मंज़ूर हुए हैं।
42.22 करोड़ रुपए की संपत्ति ज़ब्त
सीएम सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार PIT-NDPS एक्ट लेकर आयी है। इस एक्ट में शक के आधार पर संदिग्ध हिरासत में किया जा सकता है। इसके तहत 44 लोग हिरासत में लिए गए हैं। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की 42.22 करोड़ रुपए की संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी है। यह पिछले साल के मुक़ाबले दोगुनी है। सीएम ने कहा कि राज्य भर के पुलिस थानों को A, B, C और D ग्रेड में बांटा गया है। यह ग्रेडिंग जनसंख्या और अपराध के आधार पर की जाएगी।
इसके तहत सुधार और बेहतरी के लिए काम किया जा रहा है।
संजू चौधरी
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