-
Advertisement
हमीरपुर के संजय वात्स्यायन बने 47वें वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, संभाला कार्यभार
Vice Admiral Sanjay Vatsayan: हिमाचल के हमीरपुर जिले के हीरानगर निवासी वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने भारतीय नौसेना के 47वें उप नौसेना प्रमुख (Vice Chief of the Naval Staff) का पदभार संभाला है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र सेवा में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद साउथ ब्लॉक लॉन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गनरी और मिसाइल प्रणालियों के विशेषज्ञ संजय वात्स्यायन ने तीन दशकों से अधिक के अपने नौसैनिक करियर में विभिन्न प्रकार के कमांड, ऑपरेशनल और स्टाफ जिम्मेदारियां संभाली हैं।
Vice Admiral Sanjay Vatsayan, AVSM, NM assumes charge as the 47th Vice Chief of the Naval Staff (VCNS)
On assuming charge, the Flag Officer paid solemn homage to the Bravehearts who made the supreme sacrifice in service of the nation, by laying a floral wreath at the National… pic.twitter.com/M8NVvdm86u
— PIB India (@PIB_India) August 1, 2025
सीएम सुक्खू ने दी बधाई
देवभूमि हिमाचल के सपूत वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन प्रदेश और भारतीय नौसेना के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वाइस एडमिरल वात्स्यायन के परिवार में सरिता वात्स्यायन व दो बच्चे हैं। उनके पुत्र ने अर्थशास्त्र में स्नातक और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया है, तथा पुत्री ने मानविकी में स्नातक किया है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला हमीरपुर के हीरानगर निवासी वाइस एडमिरल संजय वात्सायन को भारतीय नौसेना के 47वें उप नौसेना प्रमुख का पद संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए गर्व का विषय है कि हिमाचल प्रदेश के सपूत अपनी प्रतिभा, परिश्रम और निष्ठा से राष्ट्र की सेवा में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
37 वर्षों का शानदार करियर
1 जनवरी 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त करने वाले वाइस एडमिरल वात्स्यायन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), पुणे के 71वें कोर्स के पूर्व छात्र हैं। गनरी और मिसाइल प्रणालियों के विशेषज्ञ, उन्होंने अपने तीन दशकों से अधिक के करियर में संचालन, कमान और स्टाफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।
Vice Admiral Sanjay Vatsayan took over as the 47th Vice Chief of the Naval Staff (#VCNS) on 01 August 2025.
Commissioned into the #IndianNavy on 01 January 1988, he is a specialist in Gunnery and Missile Systems. Throughout his distinguished career, he has held several key… pic.twitter.com/mToHOrVrAT
— Indian Defence Times (@IndianDefenceT) August 1, 2025
युद्धपोतों पर उल्लेखनीय सेवा
वाइस एडमिरल वात्स्यायन ने गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर और आईएनएस निशंक के कमीशनिंग क्रू, कोस्ट गार्ड ओपीवी सीजीएस संग्राम के प्री-कमीशनिंग क्रू, और आईएनएस मैसूर के कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य किया। उन्होंने कोस्ट गार्ड पोत सी-05, मिसाइल पोत आईएनएस विभूति, आईएनएस नाशक, मिसाइल कार्वेट आईएनएस कुठार, और गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्री की कमान भी संभाली।
रणनीतिक और नेतृत्वकारी भूमिकाएं
फरवरी 2020 में उन्होंने ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में गलवान घटना के बाद समुद्री अभियानों का नेतृत्व किया। नौसेना मुख्यालय में उन्होंने कार्मिक नीति, नौसेना योजनाएं, और नीतिगत पदों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। फरवरी 2018 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद वे असिस्टेंट चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (पॉलिसी एंड प्लान्स) और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के डिप्टी कमांडेंट रहे। दिसंबर 2021 में वे ईस्टर्न नेवल कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ बने, जहां उन्होंने संचालनात्मक तैयारी और बुनियादी ढांचे के उन्नयन में योगदान दिया।
पंकज शर्मा
हिमाचल अभी अभी की सभी खबरों के पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

