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70 साल से अधिक उम्र के वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच के लिए रोगी मित्र योजना लाएगी सरकार
CM Sukhu: सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ऐतिहासिक रिज में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस-2025 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजनों को उचित मान-सम्मान देने और उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
सीएम ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश सरकार 6 लाख 71 हजार 754 पात्र वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह 1000 से 1700 रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बिना किसी आय सीमा के प्रदान कर रही है। ज्वालामुखी में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘सुख आश्रय परिसर’ का निर्माण किया जा रहा है, जहां वृद्धजनों को घर जैसा माहौल और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आने वाले समय में वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच हेतु रोगी मित्र योजना भी प्रारंभ की जाएगी।

सामाजिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी
सीएम सुक्खू ने कहा कि अढ़ाई वर्ष पूर्व कांग्रेस सरकार बनने के बाद से सामाजिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और इसी दिशा में कई नीतियां लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला कानून बनाकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा प्रदान किया है। इसके अंतर्गत सरकार उनकी 27 वर्ष की आयु तक देखभाल, शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग कर रही है। इन बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपये पॉकेट मनी दी जा रही है और प्रोफेशनल पढ़ाई का पूरा खर्च भी सरकार वहन कर रही है। सीएम ने कहा, जिन बच्चों के माता-पिता नहीं होते, उनकी पीड़ा को महसूस करते हुए सरकार उनकी परिवार के सदस्य की तरह देखभाल कर रही है। उन्हें हर वर्ष भ्रमण के लिए थ्री-स्टार होटलों और हवाई यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एकल और विधवा महिलाओं को घर बनाने हेतु 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा रही है।
चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़े सुधार कर रही है। पहले चरण में मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक मशीनों से सुसज्जित किया जा रहा है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की लागत से पुराने उपकरणों को बदला जा रहा है और एम्स दिल्ली स्तर की मशीनें स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में मात्र 30 हजार रुपये के खर्च पर रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की जा चुकी है, जबकि निजी अस्पतालों में यह सुविधा दो लाख रुपए की दर पर उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार यू.पी.एस. लागू करने का दबाव बना रही है, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसी राजनीतिक लाभ की परवाह किए बिना ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है। हालांकि इसके एवज में केंद्र सरकार ने प्रदेश पर कई आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए हैं।

इससे पूर्व, सीएम ने साइक्लिंग रैली और वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में 60 से 82 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा रैंप वॉक किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। साथ ही आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
संजू चौधरी
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