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सुक्खू सरकार से नाराज दृष्टिबाधित संघ, मांगे ना माने जाने पर नग्न होकर प्रदर्शन की चेतावनी
Himachal News: हिमाचल में दृष्टिबाधित संघ सुक्खू सरकार से नाराज है। आज नौकरी की मांग को लेकर दृष्टिहीन राजधानी शिमला में सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गएऔर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को सड़क पर आकर यातायात बाधित करने से रोकने के लिए पुलिस ने सचिवालय के बाहर बेरिकेडिंग कर दी है। आज सचिवालय के बाहरआज इन्होंने धरना प्रदर्शन किया। साथ ही ये चेतावनी भी दे डाली कि सरकार यदि उनकी बात नहीं सुनती है तो वह नग्न होकर प्रदर्शन करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। पिछले दो साल से शिमला में दृष्टिहीन जन संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। शिमला के कालीबाड़ी में ये लोग पिछले 734 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। हिमाचल के इतिहास में ये सबसे लंबा आंदोलन माना जा रहा है। मांगे पूरी न होने पर समय समय पर ये चक्का जाम करते रहें हैं।
सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए
दृष्टिहीन जन संगठन के सचिव राजेश ठाकुर ने बताया कि वह विभिन्न विभागों में खाली पड़े दृष्टिहीनों कोटे के बैकलॉग पदों को एकमुश्त भरने की मांग कर रहे हैं। सरकार से कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं, जिसके चलते दृष्टिहीन संघ धरने के साथ कई बार चक्का जाम कर चुका है। जब वह चक्का जाम करते हैं तो उन्हें वार्ता के लिए बुलाया जाता है। लेकिन बाद में कुछ नहीं होता।उन्होंने कहा कि वह पिछले लंबे समय से अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे है लेकिन बजट में दृष्टिहीनों का ख्याल नहीं रखा गया न ही उनको नौकरी दी जा रही है। लंबे अरसे से दृष्टिहीन कोटे के विभिन्न विभागों में पद खाली चल रहे हैं लेकिन सरकार इसमें भर्तियां नहीं कर रही है।
आमरण अनशन करेंगे
दृष्टिहीन संघ के सदस्य लक्की ने सरकार को चेताते हुए कहा कि जाफी लंबे समय से वह अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है।सरकार उनकी मांगों पर बेरुखी का रवैया अपनाए हुए है।उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अब भी अगर उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वह आमरण अनशन पर जाएंगे फिर भी अगर उन्हें अनसुना किया गया तो सभी दृष्टिहीन सचिवालय के समक्ष नग्न होकर प्रदर्शन करेंगे।
मांगों को अनसुना कर रही है सरकार
बता दें कि, दृष्टिबाधित लंबे समय से बैकलॉग भर्तियों की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि विभिन्न सरकारी विभागों में दिव्यांग कोटे के तहत खाली पड़े हजारों पदों पर योग्य दृष्टिबाधितों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाए। अपनी मांगों को लेकर संघ शिमला में 700 से अधिक दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।सरकार की अनदेखी के बाद अब उन्होंने अपने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी दृष्टिहीन कई बार सचिवालय का घेराव कर चुके हैं।
संजू चौधरी
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