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NurpurSchool / HistoricInstitution / RohitThakur / SchoolMerge / CMSukhu
1869 में स्थापित नूरपुर का ऐतिहासिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल आज अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। 156 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को समेटे यह शिक्षण संस्थान अब विलय की कगार पर खड़ा है। हाल ही में जारी नोटिफिकेशन के तहत इसे बक्शी टेक चंद गर्ल्स स्कूल में मर्ज करने की प्रक्रिया ने पूरे क्षेत्र में भावनात्मक लहर पैदा कर दी है।
यह केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि नूरपुर की पहचान, इतिहास और भावनाओं से जुड़ा विषय बन चुका है। इस संस्थान शिने देश को कई महान व्यक्तित्व दिए। 1928 में हाई स्कूल, 1962 में राजकीय हाई स्कूल और 1986 में सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा प्राप्त करने वाला यह विद्यालय समय के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहा। इसी संस्थान से शिक्षा ग्रहण कर देश के तीसरे मुख्य न्यायाधीश मेहरचंद महाजन आगे बढ़े। संविधान सभा के सदस्य बक्शी टेकचंद, पूर्व मंत्री सत महाजन, पूर्व मंत्री केवल सिंह पठानिया तथा एयर चीफ मार्शल एस चांद जैसे नाम इस स्कूल की शैक्षिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करते हैं। यह सूची स्पष्ट करती है कि यह विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि नूरपुर की शान और पहचान का प्रतीक रहा है।
वर्तमान में विद्यालय में 212 छात्र अध्ययनरत हैं। लगभग 30 शिक्षक और 10 अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं ।

