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छात्राओं से यौन उत्पीड़न मामलों में हिमाचल के 3 असिस्टेंट प्रोफेसर बर्खास्त, सरकार ने जारी किए आदेश
Sexual Harassment Case Himachal हिमाचल सरकार ने यौन उत्पीड़न मामलों में बड़ा फैसला लेते हुए तीन सहायक प्रोफेसरों की सेवाएं समाप्त कर दीं। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई नादौन कॉलेज (हमीरपुर), चौड़ा मैदान कॉलेज (शिमला) और फाइन आर्ट्स कॉलेज (शिमला) से जुड़े मामलों में जांच पूरी होने के बाद की गई है। अनिल कुमार सहायक प्रोफेसर (रसायन विज्ञान) राजकीय महाविद्यालय नादौन, वीरेंद्र शर्मा सहायक प्रोफेसर (गणित) राजीव गांधी डिग्री कॉलेज चौड़ा मैदान शिमला और पवन कुमार सहायक प्रोफेसर (डांस-कथक) फाइन आर्ट कॉलेज चौड़ा मैदान शिमलामें तैनात थे। इन तीनों को अपने-अपने कॉलेजों में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया है। इसके बाद, सेक्रेटरी एजुकेशन राकेश कंवर ने पवन कुमार, अनिल कुमार और वीरेंद्र शर्मा को बर्खास्त कर दिया।
नादौन कॉलेज में लैब में छेड़छाड़
राजकीय सिद्धार्थ कॉलेज नादौन में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ लैब में केमिस्ट्री प्रैक्टिकल के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार द्वारा अनुचित व्यवहार की शिकायत सामने आई थी। आरोप था कि डॉ. अनिल कुमार ने लैब में छात्रा को बार-बार गलत तरीके से छुआ। 4 नवंबर 2024 को हुई शिकायत के बाद जांच बैठाई गई, जिसमें गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।
घर ले जाकर गलत हरकत करने की कोशिश
शिमला के जवाहर लाल नेहरू गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स से जुड़े मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर पवन कुमार पर छात्रा को अपने घर ले जाकर गलत हरकत करने की कोशिश का आरोप था। पवन कुमार पर 7वें सेमेस्टर की छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लंबे समय से छात्रा को परेशान कर रहा था। इस मामले में की गई जांच में कई आरोप साबित हुए, जिसके बाद उन्हें भी नौकरी से हटा दिया गया।
अनुचित व्यवहार और उत्पीड़न के आरोप
शिमला के चौड़ा मैदान स्थित राजीव गांधी गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (गणित) डॉ. वीरेंद्र शर्मा पर छात्रा से अनुचित व्यवहार और उत्पीड़न के आरोप लगे थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने छात्रा को व्हाट्सऐप के जरिए परेशान किया और मिलने के लिए बुलाया। बाद में उसे कार में बैठाकर अपने घर ले गया, जहां जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई। विभागीय जांच में इस मामले में भी आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें भी सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
शिक्षक की गरिमा और जिम्मेदारी के खिलाफ
सरकार ने अपने आदेशों में स्पष्ट कहा कि इस तरह के कृत्य न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शिक्षक की गरिमा और जिम्मेदारी के खिलाफ भी हैं। शिक्षक समाज में भरोसे और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। सरकार ने दोहराया कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित माहौल बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संजू चौधरी
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