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पिता सुक्खू कैबिनेट में मंत्री, बेटा बागी ! नीरज भारती ने कांग्रेस में फोड़ा बड़ा बम,मची खलबली
Neeraj Vs CM Sukhu: हिमाचल प्रदेश की राजनीति और सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर बड़ी बगावत सामने आई है। सुक्खू सरकार में कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व सीपीएस (CPS) नीरज भारती ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं है, बल्कि नीरज भारती की बैक-टू-बैक सोशल मीडिया पोस्ट्स ने अपनी ही सरकार और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: नीरज ने दावा किया कि हर महीने 5 अटैची (ब्रीफकेस) इकट्ठे होते हैं, 3 दिल्ली जाते हैं और 2 खुद रखे जाते हैं।
संगठन की उपेक्षा: सीएम सुक्खू पर पार्टी अध्यक्ष पद को महत्वहीन समझने का आरोप।
दो ‘सुख’ पर निशाना: नीरज का दावा- हिमाचल में कांग्रेस का बेड़ागर्क “दो सुख” ने किया है।
“5 अटैची का खेल”: भ्रष्टाचार के लगाए सीधे आरोप
नीरज भारती ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम की कार्यशैली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए बेहद विस्फोटक दावा किया है। उन्होंने लिखा है, “महीने के 5 अटैची इकट्ठे होते हैं, 2 खुद रखे जाते हैं और 3 दिल्ली भेजे जाते हैं।” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका यह इशारा सरकार में चल रहे कथित बड़े भ्रष्टाचार और हाईकमान तक पैसे पहुंचने की ओर माना जा रहा है।

सीएम सुक्खू के तानाशाही रवैये का जिक्र
अपने इस्तीफे के पीछे की नाराजगी जाहिर करते हुए भारती ने सीएम सुक्खू के तानाशाही रवैये का जिक्र किया। उन्होंने एक वाकया साझा करते हुए बताया कि एक बार वह और दो अन्य विधायक सुक्खू जी से मिले थे। वहां पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा चल रही थी। तब सीएम सुक्खू ने कथित तौर पर कहा था- “हाईकमान जिस मर्जी को प्रदेश अध्यक्ष बना दे, वह मुख्यमंत्री से बड़ा थोड़े न होगा।” भारती ने तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता की पार्टी अध्यक्ष के प्रति ऐसी सोच हो, वहां संगठन की हालत क्या होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

“सुक्खू के इशारों पर नहीं नाचना था”
नीरज भारती ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी में उपाध्यक्ष का पद अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और विनय कुमार के कहने पर स्वीकार किया था। लेकिन पद संभालने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि यहां सिर्फ सुक्खू के इशारों पर नाचना पड़ेगा, जो उन्हें मंजूर नहीं था।

संघर्ष करने वालों को किया गया इग्नोर
नीरज ने कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर भी सवालिया निशान खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा कि जिस नेता ने बीजेपी सरकार के दौरान हिमाचल में विपक्ष के तौर पर मोर्चा संभाला और कड़ा संघर्ष किया, मुख्यमंत्री बनाने के वक्त उसे ही नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने सीएम सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को सत्ता सौंप दी गई, जो चुनाव प्रचार समिति (कैंपेन कमेटी) का चेयरमैन होने के बावजूद चुनाव के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र से बाहर ही नहीं निकला।

“दो सुख ने किया बेड़ागर्क”
अपनी भड़ास निकालते हुए नीरज भारती ने अपनी पोस्ट के अंत में एक बेहद तीखा बयान दिया। उन्होंने लिखा, “हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह लिखा जाएगा कि अगर राज्य में कांग्रेस पार्टी का किसी ने बेड़ागर्क किया है, तो वो 2 ‘सुख’ ही थे।”

गुटबाजी सड़क पर
नीरज भारती के इन खुले और बेबाक आरोपों ने हिमाचल प्रदेश सरकार और कांग्रेस संगठन के बीच चल रही गहरी गुटबाजी को पूरी तरह से सड़क पर ला दिया है। अब देखना यह होगा कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस हाईकमान इन गंभीर ‘अटैची’ वाले आरोपों और इस खुली बगावत पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
पंकज शर्मा
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