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15 साल की नौकरी और वेतन सिर्फ ₹4500- शिमला में फूटा मिड-डे मील वर्करों का गुस्सा
Mid-day Meal Workers Protest: हिमाचल प्रदेश में अपनी लंबित मांगों को लेकर मिड डे मील वर्कर्स आज प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। सीटू (CITU) से संबंधित ‘मिड डे मील वर्कर्स यूनियन’ के आह्वान पर हजारों की संख्या में वर्करों ने राजधानी शिमला में टोलेंड से लेकर राज्य सचिवालय तक एक विशाल रोष रैली निकाली। इस दौरान वर्करों ने केंद्र और राज्य सरकार पर उनके गंभीर शोषण का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
सरकारों पर लगाए शोषण के गंभीर आरोप
यूनियन का आरोप है कि केंद्र सरकार ने पिछले 17 सालों में मिड डे मील वर्करों के वेतन में एक रुपये तक की भी बढ़ोतरी नहीं की है। वहीं, राज्य सरकार का रवैया भी पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। वर्करों ने अपनी दुर्दशा बयां करते हुए बताया कि उन्हें साल भर में एक भी छुट्टी नहीं दी जाती है। मानदेय के नाम पर उन्हें तीन-तीन महीने तक इंतजार करना पड़ता है और वह भी एक साथ पूरा नहीं मिलता। स्कूलों में 25 बच्चों की शर्त के कारण, छात्र संख्या कम होते ही उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। रिटायरमेंट के बाद उनके लिए ग्रेच्युटी या पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है। साल में तीन बार होने वाले अनिवार्य मेडिकल चेकअप का खर्च भी वर्करों को अपनी जेब से ही देना पड़ता है।
क्या हैं मिड डे मील वर्करों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी वर्करों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों का एक स्पष्ट मांग पत्र रखा है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं। हाई कोर्ट के फैसले के अनुरूप वर्करों को 12 महीने का वेतन दिया जाए।हरियाणा राज्य की तर्ज पर उन्हें 7000 रुपये का मासिक मानदेय मिले। आंगनबाड़ी वर्करों की तरह ही मिड डे मील वर्करों को भी छुट्टियां प्रदान की जाएं। छंटनी का कारण बनने वाली ’25 बच्चों की शर्त’ को तुरंत हटाया जाए। रिटायरमेंट पर सामाजिक सुरक्षा के तौर पर ग्रेच्युटी और पेंशन दी जाए। मेडिकल चेकअप का पूरा खर्च संबंधित विभाग द्वारा उठाया जाए। मिड डे मील वर्कर्स को नियमित (Regularize) करने के लिए एक ठोस नीति बनाई जाए।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रही यूनियन ने सरकार को दोटूक चेतावनी दी है। वर्करों का कहना है कि यदि उनकी इन जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस हड़ताल के चलते प्रदेश के कई स्कूलों में मिड डे मील व्यवस्था के प्रभावित होने की भी खबर है।
संजू चौधरी
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