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हिमाचल विधानसभा में आज फिर संग्राम के आसार; विशेषाधिकार हनन नोटिस और 10 गारंटियों पर घिरेगी सरकार
Himachal Vidhansabha: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही तीन दिनों के अवकाश के बाद एक बार फिर हंगामेदार रहने के आसार हैं। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के विवाद को लेकर सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के खिलाफ विपक्ष द्वारा दिए गए विशेषाधिकार हनन के नोटिस तथा सरकार की 10 गारंटियों के मुद्दे पर सदन में तीखी झड़प देखने को मिल सकती है।
विशेषाधिकार हनन नोटिस पर सियासत तेज
राष्ट्रगान विवाद में विपक्ष द्वारा सीएम सुक्खू के खिलाफ दिया गया विशेषाधिकार हनन नोटिस विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा के माध्यम से अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के पास आगामी कार्रवाई के लिए पहुंचेगा। विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा और सरकार की जवाबदेही की मांग पर अड़ा है। हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से भी भाजपा विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस देने का ऐलान किया गया था, लेकिन विधानसभा सचिवालय को अभी तक ऐसा कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
ऋण, डीए-एरियर और गारंटियों पर घेराबंदी
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है:वित्तीय स्थिति व श्वेतपत्र: राज्य पर बढ़ते कर्ज और कर्मचारियों-पेंशनरों के लंबित डीए (DA) व एरियर के भुगतान को लेकर विपक्ष सरकार से श्वेतपत्र और स्पष्टीकरण मांगेगा। आपदा व राहत कार्य: हाल ही में हुई भारी बारिश से सड़कों व पेयजल योजनाओं को पहुंचे नुकसान और प्रभावितों को दी जाने वाली राहत राशि के वितरण की गति पर सवाल उठाए जाएंगे।
10 चुनावी गारंटियां: कांग्रेस की 10 गारंटियों में शामिल—महिलाओं की ₹1500 सम्मान निधि, युवाओं के लिए रोजगार और किसानों से जुड़ी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर विपक्ष आक्रामक रहेगा।
प्रश्नकाल में उठेंगे 109 प्रश्न : प्रश्नकाल के लिए कुल 109 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं।
इनमें मुख्य रूप से बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा द्वारा राज्य चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभागों में रिक्त पद भरने का मामला।
जेबीटी (JBT) और टीजीटी (TGT) के बैचवाइज भर्ती के तहत खाली पदों को भरने से जुड़े सवाल।
प्रदेश में रोजगार गारंटी की स्थिति।
सत्तापक्ष की भी जवाबी रणनीति
दूसरी ओर, सत्तापक्ष ने विपक्ष के हमलों को बेअसर करने के लिए अपनी ‘फ्लोर मैनेजमेंट’ रणनीति तैयार कर ली है। सरकार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं, मानसून आपदा प्रबंधन में किए गए त्वरित कार्यों और केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता व वित्तीय स्थिति के तथ्यों को रखकर विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देगी।
अनु गुप्ता
