-
Advertisement
हिमाचल के सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में जीता रजत , 44 साल बाद भारत को दिलाया ऐतिहासिक मेडल
Asian Games 2026:: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले (जोगिंद्रनगर) से ताल्लुक रखने वाले भारतीय धावक सावन बरवाल ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे 2026 एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया है। सावन ने पुरुषों की 42.195 किलोमीटर मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया और भारत का मान बढ़ाया।
SILVER FOR BHARAT! 🇮🇳🥈
Heartiest congratulations to Sawan Barwal on winning the Silver Medal in the Men’s Marathon at the #AsianGames2026 with a National Record time of 2:11:37.
🥇 Ichitaka Yamashita, Japan – 2:10:49
🥈 Sawan Barwal, India – 2:11:37
🥉 Peiyou Feng, China –… pic.twitter.com/HpKAUIqCIv— SAI Media (@Media_SAI) September 26, 2026
नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड किया कायम
सावन बरवाल ने पूरी दौड़ के दौरान ज़बरदस्त लय और निरंतरता बनाए रखी। उन्होंने 21 किलोमीटर के पड़ाव से ही खुद को शीर्ष धावकों की दौड़ में शामिल रखा और अंतिम चरण तक अपनी बढ़त बरकरार रखी। सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड (2:11:36) का समय निकालकर दौड़ पूरी की और रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में मेजबान जापान के इचिताका यामाशिता (2:10:49) ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के फेंग पेइयू (2:12:13) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत के एक अन्य धावक कार्तिक कारकेरा (2:22:41) 17वें स्थान पर रहे।
सावन का यह समय पुरुषों की मैराथन में एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। उन्होंने इस साल अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन के दौरान 48 साल पुराना शिवनाथ सिंह (2:12:00) का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए जो समय (2:11:58) निकाला था, उसे आइची-नागोया में और बेहतर कर दिया है।
44 साल का सूखा खत्म, चौथे भारतीय बने
सावन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन स्पर्धा में भारत के 44 साल लंबे पदक के इंतजार को खत्म कर दिया है। इससे पहले भारत को आखिरी बार 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में एच. के. सीताराम ने कांस्य पदक दिलाया था।
एशियाई खेलों के इतिहास में मैराथन पदक जीतने वाले सावन बरवाल अब चौथे भारतीय पुरुष धावक बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल छोटा सिंह (स्वर्ण, 1951), सूरत माथुर (कांस्य, 1951) और एच. के. सीताराम (कांस्य, 1982) के नाम दर्ज थी।
मंडी और जोगिंद्रनगर में जश्न का माहौल
सावन बरवाल की इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके गृह क्षेत्र जोगिंद्रनगर और पूरे मंडी जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। सावन के पहले खेल प्रशिक्षक (कोच) गोपाल ठाकुर ने उनकी इस अभूतपूर्व सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए खुशी जताई। स्थानीय खेल प्रेमियों और परिजनों के बीच इस सफलता पर जश्न का माहौल है।
पंकज शर्मा
