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हिमाचलः पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने दिया वन नेशन वन लेजिस्लेशन का मंत्र

36 राज्यों की विधानसभाओं, विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी ले रहे भाग

हिमाचलः पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने दिया वन नेशन वन लेजिस्लेशन का  मंत्र

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शिमला। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्‍मेलन आज शिमला में शुरू हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी पीएम मोदी ने वर्चुअली सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफार्म’ का है। एक ऐसा पोर्टल जो न केवल हमारी संसदीय व्यवस्था को जरूरी तकनीकी बढ़ावा दे, बल्कि देश की सभी लोकतांत्रिक इकाइयों को जोड़ने का भी काम करे। हमारे सदन की परम्पराएं और व्यवस्थाएं स्वभाव से भारतीय हों। हमारी नीतियां, कानून भारतीयता के भाव को, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाले हों। सबसे महत्वपूर्ण, सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो। ये हम सबकी जिम्मेदारी है।

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पीएम ने कहा, हमारा देश विविधताओं से भरा है। अपनी हजारों वर्ष की विकास यात्रा में हम इस बात को अंगीकृत कर चुके हैं कि विविधता के बीच भी, एकता की भव्य और दिव्य अखंड धारा बहती है। एकता की यही अखंड धारा, हमारी विविधता को संजोती है, उसका संरक्षण करती है। हम Quality Debate के लिए भी अलग से समय निर्धारित करने के बारे में सोच सकते हैं क्या? ऐसी डिबेट जिसमें मर्यादा का, गंभीरता का पूरी तरह से पालन हो, कोई किसी पर राजनीतिक छींटाकशी ना करे। क्या साल में 3-4 दिन सदन में ऐसे रखे जा सकते हैं जिसमें समाज के लिए कुछ विशेष कर रहे जनप्रतिनिधि अपना अनुभव बताएं, अपने समाज जीवन के इस पक्ष के बारे में भी देश को बताएं। आप देखिएगा, इससे दूसरे जनप्रतिनिधियों के साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी कितना कुछ सीखने को मिलेगा पीएम मोदी ने कहा- हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं।ये संकल्प ‘सबके प्रयास’ से ही पूरे होंगे।और लोकतन्त्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम ‘सबका प्रयास’ की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है। हमारे सदन की परम्पराएँ और व्यवस्थाएं स्वभाव से भारतीय हों,हमारी नीतियाँ, हमारे कानून भारतीयता के भाव को, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाले हों,सबसे महत्वपूर्ण, सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो। ये हम सबकी ज़िम्मेदारी

100 साल पूरे होने पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इसमें देश के 36 राज्यों की विधानसभाओं, विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी, उपाध्यक्ष और प्रधान सचिव सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

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