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घटिया वेंटिलेटर खरीद मामले में बड़ी सफलता: गुमनाम पत्र जारी करने वाले को CID ने किया अरेस्ट

घटिया वेंटिलेटर खरीद मामले में बड़ी सफलता: गुमनाम पत्र जारी करने वाले को CID ने किया अरेस्ट

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शिमला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में घटिया वेंटिलेटर (ventilator) खरीद मामले को लेकर सीएम के पास पहुंचे गुमनाम पत्र (anonymous letter) की जांच में हिमाचल पुलिस ने कामयाबी हासिल की है। दरअसल, कोरोना संकट के दौरान वेंटिलेटर खरीद को लेकर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले गुमनाम पत्र को जारी करने वाले शख्स को सीआईडी (CID) ने गिरफ्त में ले लिया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान हैरान करने वाले खुलासे किए हैं।

उसी कंपनी का निकला कर्मचारी जिसने हिमाचल में की थी वेंटिलेटर की सप्लाई

आरोपी मोहाली की उस कंपनी की लैब में नौकरी करता था , जिसने हिमाचल वेंटिलेटर की सप्लाई की थी। इस कंपनी के मालिक ने नवंबर 2019 में आरोपी से नौकरी से निकाल दिया था। इसका बदला लेने के लिए उसने अकेले गुमनाम पत्र भेजने की साजिश रची। उसके पास लैब के गोपनीय दस्तावेज भी थे। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीते 30 मार्च के 10 वेंटिलेटेर खरीद आर्डर की कॉपी उसके हाथ लगी। इसके बाद उसने गुमनाम पत्र लिखा और सेक्टर -47 स्थित पोस्ट ऑफिस से पोस्ट कर दिया। पत्र डीजीपी संजय कुंडू और मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों ने बुधवार को प्रदेश पुलिस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह खुलासा किया है । सीआईडी क्राइम बिमल गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बीते 4 जून को एमडी एचपीएसई डीसी . आईटी . भवन शिमला से सीआईडी . क्राइम ब्रांच को एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर जांच प्रकिया अमल में लाई।


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पोस्ट-ऑफिस से कब्जे में लिए गए व्यक्ति द्वारा भेजे गए अन्य खत

उन्होंने कहा कि गुमनाम पत्र स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा गया था लेकिन पोस्ट ऑफिस में भी भेजने वाला को कोई विवरण दर्ज नहीं था। हालांकि पत्र में वेंटिलेटर सप्लाई करने वाली कंपनी के मोहाली के ऑफिस के गोपनीय दस्तोवज संलग्न थे। लिहाजा क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उक्त कंपनी के मोहाली स्थित ऑफिस में जाकर जांच की और एक संदिग्ध पूर्व कर्मचारी के बारे में पता कर लिया। बिमल गुप्ता ने कहा कि जांच के दौरान लगभग 50 से ज्यादा लोगों से गहन पूछताछ की और यह पाया कि कंपनी की लैब का एक संदिग्ध व्यक्ति की गुमनाम पत्र के षडयंत्र का सूत्रधार है। ऐसे में उसे पूछताछ के लिए शिमला तलब किया और साजिश का पर्दाफाश किया। एसपी वीरेंद्र कालिया ने कहा कि जांच के तहत जिस साइबर कैफे में पत्र तैयार किया, वहां से पैन और हार्ड ड्राइव को कब्जे में लिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति ने कुछ अन्य पत्र भी लिखे थे, उन्हें भी पोस्ट – ऑफिस से कब्जे में लिया गया है। इन पत्रों को जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि इस मामले में जल्द ही जांच पूरी कर क्राइम ब्रांच कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।

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