Covid-19 Update

2,16,430
मामले (हिमाचल)
2,11,215
मरीज ठीक हुए
3,631
मौत
33,380,438
मामले (भारत)
227,512,079
मामले (दुनिया)

#Monsoon_Session : प्रश्नकाल में गूंजा वेंटिलेटर, नई शिक्षा नीति व SMC शिक्षकों का मामला

शिक्षा मंत्री बोले- निजी स्कूलों में भी लागू होगी नई शिक्षा नीति

#Monsoon_Session : प्रश्नकाल में गूंजा वेंटिलेटर, नई शिक्षा नीति व SMC शिक्षकों का मामला

- Advertisement -

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के 5वें दिन आज प्रश्नकाल (Question Hour) में वेंटिलेटर खरीद, नई शिक्षा नीति व एसएमसी शिक्षकों का मामला गूंजा। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले विपक्ष की तरफ़ राजेन्द्र राणा कुछ बोलने के लिए खड़े हुए लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें ये कह कर बिठा दिया कि प्रश्नकाल के बाद में अपनी बात सदन में रख सकते हैं। इसके बाद प्रश्नकाल की शुरुआत ठियोग के सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा के सवाल से हुई। विधायक ने सीएम से पूछा कि नगर निगम शिमला एनएच अथॉरिटी व अन्य विभागों ने सर्दियों के मौसम में बर्फ को हटाने पर कितना पैसा ख़र्च किया। इस पर सीएम जयराम (CM Jai Ram) की तरफ से जवाब आया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। दून के विधायक परमजीत पम्मी ने सीएम से सवाल किया कि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में विभिन्न विभागों में कौन कौन से अधिकारी व कर्मचारी कितने समय के लिए कार्यरत रहते हैं व 3 वर्ष से अधिक कार्यरत अधिकारी व कर्मी स्थानांतरित किए जाएंगे। इस सवाल पर भी सूचना एकत्रित की जा रही है ही जवाब आया।

यह भी पढ़ें :- #Monsoon_Session के दूसरे दिन विपक्ष का वाकआउट, सरकार पर जड़ा यह आरोप

वेंटिलेटर को लेकर विधायक जगत सिंह नेगी व नंदलाल ने पूछा सवाल

किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी व नंद लाल के सयुंक्त प्रश्न में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्री से पूछा गया कि प्रदेश को केन्द्र सरकार से कंपनी ने वेंटिलेटर (Ventilator) उपलब्ध करवाए। साथ ही किन-किन अस्पतालों में ये वेंटिलेटर आवंटित किए गए है ब्यौरा दें। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को कुल 500 वेंटिलेटर (322 आईसीयू व 178 पोर्टेबल) निःशुल्क उपलब्ध करवाएं हैं। इनमें 472 वेंटिलेटर प्रदेश के अस्पतालों में भेज दिए गए है। 310 क्रियाशील है। भारत इलेक्ट्रॉनिस से 320 जिनकी प्रति वेंटिलेटर 4, 48,000 कीमत है। इनकी कुल क़ीमत 14,33, 60,000/- है। एलयाईएड से 2 वेंटिलेटर खरीदे जिनकी क़ीमत 17,24,800 है। जबकि 178 वेंटिलेटर एजीवीए से 178 वेंटिलेटर की ख़रीद प्रति यूनिट 1,66,376/- के हिसाब से की गई व इन पर कुल 2,96,14,927 की राशि ख़र्च हुई है। अधिकतर वेंटिलेटर लगा दिए गए है जबकि बचे वेंटिलेटर को तकनीकी टीम की मदद से लगा दिया जाएगा।

 

प्रदेश में बरसात, बर्फ़बारी व आगज़नी से 7,061 मकान क्षतिग्रस्त हुए

हमीरपुर के विधायक नरेन्द्र ठाकुर ने वन मंत्री एवं युवा सेवाएं व खेल मंत्री से पूछा कि क्या सरकार हमीरपुर में एथलेटिक ट्रैक के दृष्टिगत एथलेटिक अकादमी स्थापित रखने का विचार रखती है। जवाब में मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि वर्तमान में एथलेटिक ट्रैक (Athletic track) का प्रबंधन व संचालन जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारियों द्वारा एथलेटिक प्रशिक्षकों के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश में अलग से खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना नहीं है। इसके बाद रमेश धवाला, अरुण कुमार व जियालाल ने राजस्व मंत्री से पूछा कि 31 जुलाई तक प्रदेश में बरसात, बर्फ़बारी व आगज़नी से कितने मकान क्षतिग्रस्त हुए व इनकी मरम्मत पर कितनी धनराशि आवंटित की गई। सरकार क्या इस नुकसान की भरपाई के लिए राशि को बढ़ाने का विचार रखती है। मंत्री महेंद्र सिंह की उपस्थिति में सुरेश भारद्वाज ने जवाब में कहा कि 31 जुलाई तक प्रदेश में बरसात, बर्फ़बारी व आगज़नी से 7,061 मकान क्षतिग्रस्त हुए व इनकी मरम्मत पर 10,68,98,620 रुपए की राशि दी गई। भविष्य में भारत सरकार के मापदंडों के मुताबिक ये राशि घटाई बढ़ाई जाएगी।

एसएमसी शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

विधायक आशा कुमारी ने शिक्षा मंत्री से नई शिक्षा नीति को लेकर पूछा कि क्या हिमाचल सरकार नई शिक्षा नीति (New education policy) को लागू करने जा रही है यदि हां तो इस नीति की प्रति सदन में रखी जाए। आगे उन्होंने ये भी पूछा कि हिमाचल में कौन सी मातृ भाषा मानी जाएगी व क्या निज़ी स्कूलों में भी ये नीति लागू होगी। जवाब में शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर ने बताया कि सरकार ने प्रदेश में नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने का फ़ैसला लिया है। जिसकी प्रति सदन में रख दी गई है। मंत्री ने बताया कि हिंदी ही मातृ भाषा इसलिए हिंदी को ही प्राथमिकता दी जाएगी साथ ही निज़ी स्कूलों में भी ये लागू होगी। इस पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूछा कि 2630 एसएमसी शिक्षकों को बहाल करने के लिए सरकार कुछ कर रही है। लेकिन जवाब में कहा गया कि सवाल शिक्षा नीति को लेकर है इसका जबाब अलग से दिया जा सकता है। इसके बाद सीएम जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने एसएमसी शिक्षकों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया। इस पर विपक्ष की तरफ़ से एसएमसी के पक्ष में आवाज़ उठती रही। सीएम बोले कि मानवीय दृष्टिकोण से सुप्रीम कोर्ट जाने पर सरकार विचार कर रही है। इसी के साथ प्रश्नकाल समाप्त हो गया।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है