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CBSE स्कूलों के शिक्षकों को 3 बार हाजिरी से मिली राहत, 151 स्कूलों में शिफ्ट होंगे वोकेशनल कोर्स
Himachal Education Department: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर दो अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ जहां राज्य सरकार ने शिक्षकों की नाराजगी के बाद सीबीएसई (CBSE) स्कूलों में दिन में तीन बार हाजिरी लगाने के आदेश को वापस लेने का आश्वासन दिया है, वहीं दूसरी तरफ 151 सरकारी स्कूलों में चल रहे दो व्यावसायिक (वोकेशनल) पाठ्यक्रमों को लेकर बड़ा बदलाव करने की तैयारी है।
शिक्षकों को राहत: अब दिन में दो बार ही लगेगी हाजिरी
सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए दिन में तीन बार हाजिरी लगाने के हालिया आदेश का ‘हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ’ ने कड़ा विरोध किया था। बुधवार को संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात की। संघ ने मंत्री के समक्ष तर्क रखा कि शिक्षक पहले ही विभिन्न माध्यमों से अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं, ऐसे में तीन बार हाजिरी की व्यवस्था पूरी तरह अनावश्यक है। संघ ने पूरे प्रदेश में सभी शिक्षकों के लिए एक समान हाजिरी व्यवस्था लागू करने की मांग की। संघ के अनुसार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उनकी दलीलों को सकारात्मक रूप से लिया और आश्वासन दिया कि सीबीएसई स्कूलों में भी शिक्षकों की अटेंडेंस अब दिन में केवल दो बार ही लगाई जाएगी। इस फैसले के बाद अध्यापक संघ ने शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
151 स्कूलों में बंद होंगे सिक्योरिटी और प्लंबिंग के कोर्स
शिक्षा विभाग से जुड़ी दूसरी बड़ी खबर वोकेशनल कोर्सेज से संबंधित है। राज्य के 151 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में सिक्योरिटी और प्लंबिंग के व्यावसायिक पाठ्यक्रम अगले शैक्षणिक सत्रों से बंद किए जा सकते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि सीबीएसई इन दोनों विषयों को मान्यता नहीं देता है। हालांकि, छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मौजूदा सत्र में इन पाठ्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। विभाग की योजना के अनुसार यह प्रस्तावित बदलाव शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू होगा।
शिक्षकों की नौकरी बचाने के लिए शिक्षा विभाग का मास्टर प्लान
इन दो पाठ्यक्रमों के बंद होने से सबसे बड़ा सवाल इनमें कार्यरत शिक्षकों की नौकरी का था। इस चुनौती से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सुरक्षित और वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार किया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। तैयार किए गए प्रस्ताव के तहत, इन कोर्सेज को पूरी तरह बंद करने के बजाय, सीबीएसई स्कूलों के नजदीक स्थित अन्य (गैर-सीबीएसई) सरकारी स्कूलों में शुरू किया जाएगा। पाठ्यक्रमों के स्थानांतरण के साथ ही संबंधित शिक्षकों की तैनाती भी उन नए स्कूलों में कर दी जाएगी, जिससे उनकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने यह प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया है। सरकार की मुहर लगने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
प्रदेश के स्कूलों में चल रहे हैं कई वोकेशनल कोर्सेज
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के तहत कई क्षेत्रों के पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनमें विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। वर्तमान में स्कूलों में आईटी (IT), स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, कृषि, रिटेल, ऑटोमोबाइल, सुरक्षा, दूरसंचार, मीडिया और बैंकिंग जैसे महत्वपूर्ण वोकेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
अनु गुप्ता
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