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Cabinet Decisions: पे मैट्रिक्स लेवल-11 पदों के लिए हिमाचली ही होंगे पात्र, लोनिवि के मल्टी टास्क वर्करों का मानदेय बढ़ा
Himachal Cabinet Meeting Decisions : शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में आज महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं। आज की बैठक में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह मौजूद नहीं थे । बैठक में वेतन मैट्रिक्स लेवल-11 के पदों को ग्रुप-बी से ग्रुप-सी में पुनर्वर्गीकृत करने को मंजूरी दे दी। इस निर्णय से इन पुनर्वर्गीकृत ग्रुप-सी पदों के लिए केवल वास्तविक हिमाचली उम्मीदवार ही आवेदन करने के पात्र होंगे। इससे पहले, इन लेवल-11 पदों को ग्रुप-बी के तहत वर्गीकृत किया गया था, और भर्ती हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा की जाती थी, जिसमें देश भर से आवेदक आते थे। पुनर्वर्गीकरण के बाद, भर्ती प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा ग्रुप-सी पदों पर लागू प्रक्रियाओं के अनुसार संचालित की जाएगी।
मल्टी टास्क कर्मियों का मानदेय बढ़ा
लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क कर्मियों का मानदेय 5000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रतिमाह करने को भी मंजूरी दी गई, जिससे लगभग 5000 कर्मियों को लाभ मिलेगा।
दुग्ध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय
पात्र गैर-सरकारी डेयरी सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करने वाले किसानों के लिए दुग्ध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिसके तहत पात्र गैर-सरकारी डेयरी सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करने वाले किसानों को 2500 रुपये प्रति माह की सब्सिडी दी जाएगी। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) मोड के माध्यम से दूध उत्पादकों को 3 रुपये प्रति लीटर प्रदान किए जाएंगे।
HPTDC कार्यालय को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के निर्णय को मंजूरी दी गई। लेकिन आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मी शिफ्ट नहीं होंगे। यह कदम कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित करने के अनुरूप है और इसका उद्देश्य शिमला शहर में भीड़भाड़ कम करने में मदद करना है।
101 पदों को सृजित करने और भरने का निर्णय
जिला पुलिस देहरा की पुलिस लाइनों में विभिन्न श्रेणियों के 101 पदों को सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया।
ब्याज सब्सिडी के प्रावधान को मंजूरी
स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए, राज्य मंत्रिमंडल ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए ब्याज सब्सिडी के प्रावधान को मंजूरी दी है। इस पहल के तहत, जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 1 मेगावाट तक की सौर परियोजनाओं के लिए 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जबकि गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 250 किलोवाट और 2 मेगावाट के बीच क्षमता वाली परियोजनाओं के लिए 4 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
हिमऊर्जा और चयनित ग्राम पंचायतों के बीच एमओयू
हरित पंचायत योजना के तहत 100 पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए हिमऊर्जा और चयनित ग्राम पंचायतों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर को भी मंजूरी दी। प्रत्येक परियोजना से प्रति माह लगभग 25 लाख रुपये का राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। आय का 30 प्रतिशत हिमऊर्जा को, 20 प्रतिशत राज्य सरकार को और 40 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायतों को जाएगा। अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए विशेष रूप से ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया जाएगा।
हर पंचायत पर आपदा प्रबंधन यूनिट
प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में मानव जीवन और संपत्तियों को बचाने के लिए प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्य की प्रत्येक 3645 पंचायतों में पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र के लिए अपनी सहमति दी।हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुई प्राकृतिक आपदाओं में प्रदेश को अब तक 300 करोड रुपए का नुकसान हुआ है जबकि 17 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। प्रदेश में अभी भी भारी बारिश के चलते 37 सड़क यातायात के लिए अवरुद्ध हैं।
-संजू चौधरी

