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चिंतपूर्णी मंदिर में भक्त डाल सकेंगे हवन में आहुतियां, 10 महीने बाद हटी रोक

कोरोना काल में बदल गई थी मंदिर की कई व्यवस्थाएं

चिंतपूर्णी मंदिर में भक्त डाल सकेंगे हवन में आहुतियां, 10 महीने बाद हटी रोक

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ऊना। विश्व विख्यात शक्तिपीठ मन्दिर चिंतपूर्णी ( Chintpurni temple) में बुधवार से मां के भक्त मंदिर में हवन पूजन ( Hawan Pujan)कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने चिंतपूर्णी मंदिर में कोरोना के चलते हवन डालने पर रोक लगाई गई थी, जिसे अब हटा दिया गया है। लेकिन मंदिर में श्रद्धालुओं को हवन करने के दौरान डीसी ऊना राघव शर्मा द्वारा एसओपी के साथ जारी किए गए निर्देशों का पालन करना होगा। कोविड-19 ( covid-19) के चलते देश में लगे लॉकडाउन के दौरान जहां एक तरफ मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद कर दिए गए थे। वहीं छह महीने बाद मंदिर के कपाट खुलने के बावजूद श्रद्धालुओं को हवन में आहुतियां डालने की अनुमति नहीं दी जा सकी थी। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं के हवन में भाग लेने पर लगाई रोक को हटा लिया है। हालांकि हवन में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना होगा। डीसी ऊना राघव शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। वहीं बुधवार को श्रद्धालु भी हवन में भाग लेते हुए नजर आए।


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गौरतलब है कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद से ही श्रद्धालुओं की लगातार मांग उठ रही थी कि उन्हें माता चिंतपूर्णी के दर्शन करने के साथ ही हवन में आहुतियां डालने की अनुमति दी जाए। डीसी राघव शर्मा ( DC Raghav Sharma)ने बताया कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद से ही श्रद्धालु लगातार मां चिंतपूर्णी के दर्शन करने के साथ ही हवन में भाग लेने की मांग कर रहे थे। उनकी इसी मांग को पूरा करते हुए कोविड-19 से बचाव के लिए जरूरी एहतियातओं को बरतते हुए हवन में भाग लेने की छूट प्रदान की है। मंदिर में हवन डालते समय श्रद्धालुओं और पुजारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखना होगा। साथ ही बिना मास्क और फेस कवर के हवन डालने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को हवन में बैठने के लिए अपने साथ मैट की व्यवस्था करनी होगी। हवन के दौरान एक दूसरे की छुई हुई वस्तुओं का प्रयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हवन डालने के दौरान इन सभी बातों का ख्याल श्रद्धालुओं को रखना होगा। हवन डालने से पहले श्रद्धालुओं को मंदिर अधिकारी से अनुमति के लिए हवन पर्ची लेनी होगी। उसके बाद ही श्रद्धालु मंदिर के हवन कुंड में हवन डाल सकेंगे।

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