Covid-19 Update

2, 84, 982
मामले (हिमाचल)
2, 80, 760
मरीज ठीक हुए
4117*
मौत
43,131,822
मामले (भारत)
525,904,563
मामले (दुनिया)

हिमाचलः पूर्व सैनिक ने राष्ट्रपति को पत्र लिख मांगी इच्छा मृत्यु, अधिकारियों पर जड़े प्रताड़ना के आरोप

ईसीएचएस की कार्यप्रणाली से परेशान हुआ रक्कड़ कॉलोनी में रहन वाला पूर्व सैनिक

हिमाचलः पूर्व सैनिक ने राष्ट्रपति को पत्र लिख मांगी इच्छा मृत्यु, अधिकारियों पर जड़े प्रताड़ना के आरोप

- Advertisement -

ऊना। जिला मुख्यालय से सटे रक्कड़ कॉलोनी में रह रहे एक पूर्व सैनिक ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। यह पूर्व सैनिक 5 साल से कैंसर से पीड़ित है, इनका इलाज पंजाब के मोहाली स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पूर्व सैनिक का आरोप है कि उसे पिछले वर्ष जुलाई के बाद से इलाज के लिए कोई भी पैसा ईसीएचएस के माध्यम से नहीं मिला है। इतना ही नहीं प्रताड़ना के शिकार हो रहे पूर्व सैनिक रवि कांत शर्मा कई बार इस मामले की शिकायत मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को भी कर चुका है। लेकिन उसकी शिकायत पर अभी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उसने अब तंग आकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।

यह भी पढ़ें- हाटी समुदाय हो जाओ तैयार, जयराम कर आए हैं आपका काम-देखें वीडियो

रक्कड़ कॉलोनी निवासी पूर्व सैनिक रवि कांत शर्मा ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी के माध्यम से इच्छा मृत्यु की मांग की है। पूर्व सैनिक ने चिट्ठी में कहा है कि उसका अफसरशाही से पूरी तरह विश्वास उठ चुका है। पूर्व सैनिक का कहना है कि वह पिछले 5 साल से कैंसर से पीड़ित है और उसका इलाज मोहाली के एक निजी अस्पताल से चल रहा है, जिसका भारी-भरकम खर्च उसे उठाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि वह अब चलने फिरने में भी असमर्थ हो चुके हैं इन परिस्थितियों के बीच अफसरशाही उन्हें और भी प्रताड़ित कर रही है। रविकांत ने कहा कि अफसरशाही की शिकायत 14 दिसंबर 2021 को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस और 17 जनवरी 2022 को पीएमओ को भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सभी शिकायतों को पंजाब के जालंधर क्षेत्र कर्नल रैंक के एक अधिकारी को भेजा जा रहा है लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आ रहा।

रविकांत ने कहा कि पिछले वर्ष जुलाई में उनकी तबीयत अचानक खराब हो जाने के चलते उनकी पत्नी ने उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया था। जहां 4 दिन उन्हें रखे जाने के बाद डिस्चार्ज किया गया। इसके कुछ दिन के बाद फिर से तबीयत खराब होने के कारण दोबारा अस्पताल भर्ती हुए जिसके बाद उनका 28 जुलाई को ऑपरेशन किया गया। अस्पताल में भर्ती किए जाने और ऑपरेशन के दोनों बिल उन्होंने क्लेम किए थे। लेकिन इन दोनों बिलों को बार-बार ऑब्जेक्शन लगाकर वापस भेजा जा रहा है। अधिकारियों की तरफ से यह कहा गया कि आप इमरजेंसी में भर्ती होने का सर्टिफिकेट लेकर आइए। रविकांत शर्मा ने इमरजेंसी में भर्ती होने का सर्टिफिकेट भी ईसीएचएस में जमा करवा दिया लेकिन उसे रिजेक्ट करते हुए नए सिरे से सर्टिफिकेट बनाने की बात कही गई। रविकांत शर्मा ने कहा कि मैं जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हूं लेकिन अधिकारी उन्हें बार-बार बिलों में उलझाए रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2021 के बाद से अभी तक उन्हें किसी भी दवा का कोई भी क्लेम ईसीएचएस के माध्यम से नहीं मिला है। जबकि वर्तमान परिस्थितियों में उनकी दवाओं का खर्च प्रति माह 10 हज़ार रुपये है। रविकांत शर्मा ने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि वह या तो उनकी मदद करें या फिर उन्हें इच्छा मृत्यु देने की कृपा करें।

 

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है