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हिमाचल: जीभी घाटी में पर्यटन के नाम पर नहीं चलेंगी अवैध गतिविधियां, रखी जाएगी पैनी नजर

पर्यटन विकास के साथ-साथ जीभी घाटी का संरक्षण और संवर्धन जरूरी

हिमाचल: जीभी घाटी में पर्यटन के नाम पर नहीं चलेंगी अवैध गतिविधियां, रखी जाएगी पैनी नजर

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कुल्लू। हिमाचल के कुल्लू जिला में कई ऐसे स्थान हैं जो पर्यटन (Tourist) के लिहाज से तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसा ही एक पर्यटन क्षेत्र जिला कुल्लू (Kullu) में उपमंडल बंजार की जीभी घाटी भी है। जीभी और इसके आसपास लगते क्षेत्रों में साल दर साल पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी हो रही है। जिससे यहां के सीमित प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दवाब को देखते हुए स्थानीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। जिस पर लोगों ने मंथन करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जीभी में पर्यटन विकास एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जीभी घाटी पर्यटन विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी चारू शर्मा वर्तमान उप पुलिस अधीक्षक बंजार ने इस बैठक में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस बैठक में जीभी घाटी के पर्यटन कारोबारियों, जनप्रतिनिधियों और टैक्सी संचालकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

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पर्यटन के नाम पर नहीं चलेगा गोरखधंधा

जीभी घाटी (Jibhi Valley) पर्यटन विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित कुमार ने कहा कि हम सभी को इस सुंदर घाटी की अहमीयत को समझना होगा। पर्यटन विकास के साथ-साथ ही इस घाटी के ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों, वनस्पतियों और प्राकृतिक जल स्त्रोतों का सरंक्षण एवं संवर्धन किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जंगलों पर ज्यादा प्रभाव न पड़े इसके लिए अब पर्यटन कारोबारी (Tourism Business) वन विभाग के डिपो से जलाने वाली लकड़ी को खरीद करेंगे। जीभी घाटी में पर्यटन के नाम पर गोरखधंधा नहीं चलने दिया जाएगा। सभी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर अकुंश लगाने तथा ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए उप पुलिस अधीक्षक बंजार से सकारात्मक बातचीत हुई है।

 

 

जीभी घाटी में प्रतिवर्ष बढ़ रहे पर्यटक

चारू शर्मा ने कहा कि जीभी घाटी में प्रतिवर्ष पर्यटकों की बढ़ती तादाद को देखते हुए पर्यटन संचालन हेतु कुछ जरुरी सुरक्षा उपाय एवं सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। इन्होंने कहा कि घाटी में नशे और नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन को भी रोकना होगा। शराब व नशीले पदार्थों के सेवन से आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि नशे और नशीले पदार्थों से संबंधित सूचना को तुरंत ही पुलिस से सांझा करना चाहिए।

इको टूरिज्म जॉन के रूप में विकसित की जा रही जीभी घाटी

जीभी घाटी को इको टूरिज्म जॉन (Tourism Zone) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन बिहार का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। इस वन बिहार का विस्तार जीभी बाजार से यहां के छोई झरने तक किया जा रहा है। जीभी में वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है और मुख्य स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों की हालत को भी सुधारा जाएगा।

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