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टैक्सी ड्राइवर ने ज्यादा पैसे की डिमांड कर रास्ते में उतार दिया तो भाविश को और ऐसे जुटाया ओला कंपनी के लिए फंड

बॉम्बे के दो इंजीनियरों ने शुरू की थी कंपनी, भाविश के माता-पिता को पसंद नहीं आया था आइडिया

टैक्सी ड्राइवर ने ज्यादा पैसे की डिमांड कर रास्ते में उतार दिया तो भाविश को और ऐसे जुटाया ओला कंपनी के लिए फंड

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यदि हमने कहीं जाना हो तो मोबाइल पर लोकेशन (Location on Mobile) डालते ही ऑटो या कार हाजिर हो जाती है। ओला और उबर जैसी सुविधाओं ने हमारी जिंदगी को सरल बना दिया है। हम आपको कैब प्रोवाइडर कंपनी ओला के बारे में बताने जा रहे हैं। सन 2010 में इसकी शुरूआत हुई थी। आज की डेट में यह कंपनी एक एग्रीगेटर से आगे बढ़कर इलेक्ट्रिक बाइक और कार प्रोडक्शन कंपनी (Lectric Bike & Car Production Company) बन चुकी है। एक जानकारी के अनुसार करीब साठ फीसदी मार्केट शेयर के साथ यह भारत की सबसे बड़ी एग्रीगेटर कंपनी (big aggregator company) है।

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जानकारी के अनुसार बॉम्बे के दो इंजीनियरों ने इस कंपनी की शुरुआत की थी। इसके फाउंडर भाविश अग्रवाल हैं। उन्होंने वर्ष 2008 में बीटेक और फिर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी (microsoft company) में नौकरी लग गए। 2 साल नौकरी करने के बाद उन्होंने वीकेंड ट्रिप प्लान करने और हॉलीडे पैकेज प्रोवाइड करने वाली एक ऑनलाइन वेबसाइट वसंजतपचण्बवउ की शुरुआत की और फिर कुछ समय बाद उन्होंने ओला कैब की नींव रखी।

बताया जाता है कि एक बार भाविश (Bhabish) बेंगलुरु से बांदीपुर के लिए यात्रा कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने एक टैक्सी की बुकिंग की। इस टैक्सी के ड्राइवर ने रास्ते में ज्यादा पैसों की मांग कर डाली। भाविश ने जब मना किया तो वह टैक्सी ड्राइवर (Taxi driver) उन्हें रास्ते में ही छोड़कर चलता बना। तब उनके मन में आया कि ऐसी स्थिति लाखों लोग झेलते होंगे। यही सोच कर उनके मन में अपनी ट्रैवल एजेंसी प्लान वेबसाइट को कैब सर्विस में बदलने का आइडिया आया। इसके बाद उन्होंने यह आइडिया बॉम्बे के अंकित के साथ शेयर किया। इस प्रकार दोनों ने मिल कर तीन दिसंबर 2010 को ओला कैब्स की शुरुआत कर डाली। यह योजना उन्होंने 10 बाय 12 फीट के कमरे में शुरू की। मगर आज यह कंपनी सबसे बड़ी कैब एग्रीगेटर कंपनी है।

मगर समस्या यह रही कि भाविश के घरवालों को यह आइडिया नहीं जंचा। घरवालों का मानना था कि आईआईटी के बाद भाविश छोटा मोटा काम क्यों करे। इसके विपरीत इन्वेस्टर्स को यह आइडिया पसंद आग गया। इसके लिए शार्क टैंक वाले मित्तल, स्नैपडील के फाउंडर कुनाल बहल (Snapdeal founder Kunal Behl) , रेहान और अनुपम ने भाविश फंड जुटा दिया। इसके बाद फंडिंग होती गई। 48 इन्वेस्टर्स से 430 करोड़ डॉलर यानी करीब 32 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग उन्हें मिल गई।

इस प्रकार वर्ष 2010 में भाविश अग्रवाल और अंकित भाटी ने इसकी शुरुआत कर दी। वर्ष 2011 में तीन इन्वेस्टर्स ने पांच लाख डॉलर की पहली फंडिंग की। वर्ष 2012 में टाइगर ग्लोबल ने ने पांच लाख डालर
की फंडिंग की। इसी प्रकार वर्ष 2013 में टाइगर ग्लोबल और मैक्ट्रिक्स पार्टनर से दो करोड़ की फंडिंग हुई। वर्ष 2015 में यूनिकॉर्न बनी कंपनी यूनीकॉर्न बन गई और टैक्सी फार स्योर का टेकओवर हो गया।

वहीं वर्ष 2016 में कैब सर्विस के साथ टू व्हीलर की शुरुता बंगलूरू से कर दी गई। वर्ष 2017 टेंसेंट होल्डिंग से 110 करोड़ रुपए की फंडिंग हो गई। इसी तरह वर्ष 2017 में ऑनलाइन फूूड ऑर्डर कंपनी फ?
फूडपांडा का अधिग्रहण हुआ और वर्ष ऑस्ट्रेलिया में ओला ने अपनी कैब शुरू कर दी। वर्ष 2019 में ओला इलेक्ट्रिक के लिए साफ्ट बैंक से 25 करोड़ की फंडिंग हुई। वर्ष में ओला इलेक्ट्रिक के लिए 25 करोड़
के लिए ही 25 करोड़ और जुटाए। वहीं वर्ष 2020 में ब्रिटेन के लंदन में कैब सर्विस शुरू कर दी। वर्ष 2021 में इंडियन इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में एंट्री की।

वर्ष 2022 भारत में दो वेरिएंट में इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) लांच की। इसी तरह वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिक कार लांच करने का प्लान है। भाविश अग्रवाल के मुताबिक इन्वेस्टर्स को क्लियर विजन सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल और एग्जिक्यूशन प्लान प्रभावित करता है और उनके पास ये तीनों चीजें थीं। भाविश का कहना है कि 2011 से 2014 तक स्ट्रगल का दौर था। इस दौरान उन्होंने खुद प्रचार भी किया और ड्राइवर भी बने । फिर 2014 से 2017 तक स्केलिंग फेज चल रहा था। कॉम्पिटिटर्स लगातार पैसे झोंके जा रहे थे और इसी बीच ओला ने भी यही किया। फिर 2017 से शुरू हुआ, कंसॉलिडेशन का दौर। इस दौरान ओला ने एक शानदार ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर बनाया और कमाई पर फोकस किया ड्राइवर्स को ज्यादा इंसेंटिव और कंज्यूमर्स को छूट ३ इस आइडिया ने ओला को खूब आगे बढ़ाया। आज देश की यूनिकॉर्न कंपनियों में इसकी गिनती होती है।

ओला कैब एग्रीगेटर कंपनी है यानी यह केवल कैब बुकिंग सर्विस उपलब्ध कराती है। कंपनी के पास अपनी कार नहीं हैए लेकिन ऐप के जरिये वो कस्टमर और कैब ड्राइवर्स को जोड़ती है। ऐपर हुई बुकिंग में ही उसका कमीशन भी फिक्स होता है। ओला ने भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन में अपनी कैब सर्विस शुरू की। ओला ने अब तक 6 कंपनियों टैक्सी फॉर श्योर फूडपांडा, जियो टैग, क्वार्थ, रिडलर और पिकअप का अधिग्रहण किया है। फिलहाल कंपनी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर बना रही है। यह दो वेरिएंट में उपलब्ध हैं वहीं आने वाले वर्षों में यह ओला इलेक्ट्रिक कार भी लॉन्च करने वाली है। इसके लिए संभावित समय वर्ष 2024 माना जा रहा है।

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