Covid-19 Update

3,05, 383
मामले (हिमाचल)
2,96, 287
मरीज ठीक हुए
4157
मौत
44,170,795
मामले (भारत)
590,362,339
मामले (दुनिया)

सिंगल यूज़ प्लास्टिक इस्तेमाल पर चालान, मालवाहक वाहनों में आने वालों पर कार्रवाई

ढोल नगाड़े, चिमटा तथा लाउडस्पीकर आदि पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

सिंगल यूज़ प्लास्टिक इस्तेमाल पर चालान, मालवाहक वाहनों में आने वालों पर कार्रवाई

- Advertisement -

ऊना। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी मेले का आयोजन इस वर्ष 29 जुलाई से 8 अगस्त 2022 तक किया जाएगा। मेले के आयोजन को लेकर आज एडीसीडॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में चिंतपूर्णी में एक बैठक का आयोजन किया गया। मेला अधिकारी एडीसी होंगे, जबकि एएसपी पुलिस मेला अधिकारी होंगे। एडीसी ने कहा कि मेले के दौरान मां चिंतपूर्णी का मंदिर चौबीसों घंटे खुला रहेगा और साफ-सफाई के लिए रात्रि 11-12 बजे तक मंदिर को एक घंटे के लिए बंद किया जाएगा। जबकि दोपहर 12 से 12.30 बजे तक मां के श्रृंगार व भोग इत्यादि के लिए भी मंदिर बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान ढोल नगाड़े, लाउडस्पीकर व चिमटा इत्यादि बजाने के अतिरिक्त प्लास्टिक व थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक जुलाई से पूरे देश में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है तथा इसका उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएंगे। यही नहीं मालवाहक वाहनों में आने वाले श्रद्धालुओं के खिलाफ भी पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।

यह भी पढ़ें:हिमाचलः आज के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल किया तो एक लाख जुर्माना, पांच साल की जेल

डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को नौ सैक्टरों में बांटा जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिगत एक हजार पुलिस व होमगार्ड के जवानों सहित त्वरित कार्यबल की टीमें तैनात रहेगी तथा कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस का एक कमांडो दस्ता आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गठित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान डॉग स्क्वायड का प्रबंध भी किया जाएगा। सभी सैक्टरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। एडीसी ने बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह अस्थाई शौचालय बनाए जाएंगे तथा ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए रिकवरी वैन तैनात की जाएगी। भीख मांगने वाले भिखारियों पर भी नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा अतिरिक्त बसें भी चलाई जाएंगी। मेले के दौरान श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एलोपैथिक तथा आयुर्वैदिक कैंप स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपदा अथवा आग इत्यादि की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगें।

यह भी पढ़ें:हिमाचल में मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं को ढोने पर ड्राइवर का लाइसेंस होगा रद्द, गाड़ी होगी जब्त

 

दर्शन पर्ची लेना अनिवार्य , लंगर लगाने की लेनी होगी अनुमति

डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मेले में आने वालों श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची लेना अनिवार्य होगा। दर्शन पर्ची प्रदान करने के लिए श्री माई दास सदन पार्किंग, एमआरसी पार्किंग तथा शंभू बैरियर पर काउंटर लगाए जाएंगे। इस बार लंगर लगाने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके लिए लंगर के आयोजक को 10 हजार रुपए सिक्योरिटी तथा 10 हजार रुपए लंगर फीस देनी होगी। आयोजक को लंगर की समाप्ति के बाद साफ-सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने बैठक के दौरान सभी विभागीय अधिकारियों से मेले के सफल आयोजन के लिए अपना हरसंभव सहयोग प्रदान करने की अपील भी की। बैठक में एसडीएम अंब मदन कुमार, मंदिर अधिकारी बलवंत पटियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व मंदिर क्षेत्र की पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

 

 

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है