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पंचतत्व में विलीन हुआ ऊना का शहीद अमरीकः बेटे ने सैल्यूट कर दी पिता को दी अंतिम विदाई
ऊना जिला के शहीद हवलदार अमरीक सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जम्मू कश्मीर के माछिल सेक्टर में तैनात 39 वर्षीय हवलदार अमरीक सिंह मंगलवार देर शाम जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में हुए सड़क हादसे में शहीद हुए थे। आज सुबह शहीद अमरीक की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव गणु मंडवाड़ा पहुंची। पार्थिव शरीर को देखते ही परिवार के सभी सदस्य बिलख पड़े। तिरंगे में अमरीक को लिपटे देख मां व पत्नी बेसुध हो गईं।
कुछ देर के लिए पार्थिव देह को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। अमरीक सिंह के बेटे अभिनव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पिता को सेल्यूट किया और पिता को मुखाग्नि की। आसपास के गांवों के लोगों ने नम आंखों से अमरीक सिंह को अंतिम विदाई दी। गगरेट के एसडीएम सोमिल गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत राणा और गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। गणु मंडवाड़ा के श्मशान घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया।

अमरीक सिंह 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। अपने पीछे माता ऊषा देवी, पिता धर्मपाल सिंह, पत्नी रूचि और बेटा अभिनव को छोड़ गए हैं। अमरीक सिंह 2001 में 14 डोगरा रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। वह 3 भाइयों में मझले थे। उनका बेटा अभिनव छठी कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। रविवार को श्रीनगर से सेना ने अमरीक के शव को जम्मू पहुंचाया। वहां से पार्थिव शरीर हवाई जहाज से शाम को चंडीगढ़ लाया गया।


