Covid-19 Update

3,07, 061
मामले (हिमाचल)
2,99, 605
मरीज ठीक हुए
4162
मौत
44,223,557
मामले (भारत)
593,515,060
मामले (दुनिया)

एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों में बड़े पैमाने पर आक्रोश

सर्वेक्षण के आंकड़े सत्तारूढ़ सरकार के लिए आंखें खोलने वाले

एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों में बड़े पैमाने पर आक्रोश

- Advertisement -

बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के साथ, एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 1,053.00 रुपये, मुंबई में 1052.50 रुपये और चेन्नई में 1068.50 रुपये में उपलब्ध होगा। इस साल रसोई गैस की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी है। एलपीजी की कीमतों में कई बढ़ोतरी, अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि ने आम लोगों के बजट को बिगाड़ दिया है। बढ़ती कीमतों के खिलाफ विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों की पीड़ा से अनभिज्ञ होने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला करते हुए विपक्षी नेताओं ने एलपीजी की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने की मांग की है।

यह भी पढ़ें:भारत के 66 % से अधिक ब्लू-कॉलर कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये से भी कम

नवीनतम एलपीजी कीमतों में वृद्धि के बारे में लोगों के विचार एवं भावनाएं जानने के लिए सीवोटर-इंडिया ट्रैकर ने आईएएनएस की ओर से एक देशव्यापी सर्वेक्षण किया। विशेष रूप से, सर्वेक्षण में पाया गया है कि अधिकांश भारतीय (94 प्रतिशत) एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ाने के सरकार के इस फैसले से या तो ‘बहुत नाराज’ हैं या ‘नाराज’ हैं, केवल 6 प्रतिशत उत्तरदाताओं (सर्वे में शामिल लोग) ने कहा कि वे सरकार से नाराज नहीं है और वे इससे अप्रभावित हैं।

सर्वेक्षण के आंकड़े सत्तारूढ़ सरकार के लिए आंखें खोलने वाले होंगे, क्योंकि एनडीए और विपक्षी दोनों मतदाताओं के भारी बहुमत ने रसोई गैस की कीमत बढ़ाने के सरकार के फैसले पर नाराजगी व्यक्त की है। सर्वेक्षण के दौरान, एनडीए के 93 प्रतिशत मतदाताओं और विपक्षी 94 प्रतिशत मतदाताओं ने सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया और कहा कि नवीनतम मूल्य वृद्धि ने उन्हें गुस्से से भर दिया है। मतदान के दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों मतदाताओं ने इसी तरह के विचार व्यक्त किए। सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, 95 फीसदी शहरी मतदाताओं और 94 फीसदी ग्रामीण मतदाताओं ने सरकार के फैसले से नाखुशी जाहिर की।

यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर सर्वेक्षण (Survey) ने विभिन्न सामाजिक समूहों की राय में एकमत का खुलासा किया। सरल शब्दों में कहें तो विभिन्न सामाजिक समूहों में बंटे लोगों को सरकार के इस फैसले ने नाराज किया है और वे इससे खुश नहीं हैं। उत्तरदाताओं के एक विशाल बहुमत ने जोर देकर कहा कि वे एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के सरकार के फैसले से नाराज हैं। सर्वेक्षण के दौरान, 95 प्रतिशत सवर्ण हिंदू (यूसीएच), 93 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 99 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 96 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 91 प्रतिशत मुसलमानों ने रसोई गैस में नवीनतम मूल्य वृद्धि के बारे में नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया।

–आईएएनएस

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है