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हिमाचल: MMU ने मेडिकल छात्रों से वसूली 103 करोड़ की अतिरिक्त फीस, 45 लाख लगा जुर्माना

हिमाचल निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने MMU को दिए रिफंड के आदेश

हिमाचल: MMU ने मेडिकल छात्रों से वसूली 103 करोड़ की अतिरिक्त फीस, 45 लाख लगा जुर्माना

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शिमला। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग (Himachal Pradesh Private Educational Institutions Regulatory Commission) ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सोलन जिला की महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी कुम्हारहट्टी पर 45 लाख का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना (Fine) एमबीबीएस छात्रों (MBBS) से अधिक फीस वसूली को लेकर लगाया गया है। यह आदेश पूरी तरह से आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। अपलोड किए गए 19 पृष्ठों के आदेश में मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन को जुर्माने की राशि 3 माह के भीतर आयोग में जमा करवाने के आदेश भी पारित किए गए हैं। बता दें कि सोलन स्थित एक निजी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एमबीबीएस छात्रों से अब तक 103 करोड़ रुपए से अतिरिक्त फीस वसूली है। शिकायत मिलने पर निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने आदेश दिए हैं कि जिन छात्रों से अतिरिक्त फीस वसूली (Extra Fee Recovery) गई थी वह उसे वापस पाने के लिए यूनिवर्सिटी में आवेदन कर सकते हैं। ये आदेश आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल अतुल कौशिक ने 2013-14 बैच की एमबीबीएस स्टूडेंट डॉ. निवेदिता राव व डॉ. यामिनी की शिकायत की याचिका पर पारित किए हैं।

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मामले में खुलासा हुआ है कि मेडिकल कॉलेज में करीब 1200 छात्रों से अब तक 103 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपए की अतिरिक्त टयूशन फीस वसूली जा चुकी है। शिकायत करने वाली छात्राओं ने कहा था कि उनसे साढ़े 4 साल की बजाय 5 साल की फीस ली गई। यह राशि ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, यूनिवर्सिटी चार्जेस और डेवलपमेंट चार्जेस के नाम पर वसूली गई थी। इन छात्रों की याचिका पर सुनावाई करते हुए निजी शिक्षण नियामक आयोग ने यूनिवर्सिटी पर 45 लाख रुपए की पैनल्टी लगाई है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू माने जाएंगे। बता दें कि हिमाचल में पिछले काफी समय से निजी शिक्षण संस्थान विवादों में रहे हैं। इन संस्थानों से आमतौर पर भारी भरकम और नियमों के खिलाफ फीस वसूलने की शिकायतें आती रहती थी। जिसके चलते ही हिमाचल सरकार ने निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की स्थापना की थी। यह आयोग निजी शिक्षण संस्थानों से संबंधित शिकायतों को सुनने और उनका निपटारा करने का काम करता है।

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