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अंतरिक्ष में #ISRO ने फिर रचा इतिहास, संचार उपग्रह CMS-01 किया लॉन्च
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) ने एक बार फिर से इतिहास रचा है। कोरोना काल में इस साल अपने दूसरे मिशन के तहत इसरो पीएसएलवी-सी50 ( PSLV-C50) के जरिए संचार उपग्रह सीएमएस-01(CMS-01) आज लॉन्च किया। इसे सतीश धवन स्पेस सेंटर ( Satish Dhawan Space Center) से लॉन्च किया गया।
🇮🇳Mission Accomplished! 🇮🇳@isro successfully launches #PSLVC50🚀 from Satish Dhawan Space Centre, #Sriharikota #CMS01🛰️ successfully injected into orbit🌍#ISRO pic.twitter.com/I8OfN8q8dC
— PIB India (@PIB_India) December 17, 2020
इसरो ने बताया कि पीएसएलवी का 52वां मिशन पीएसएलवी-सी 50( PSLV-C50) श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय प्रक्षेपण पैड से संचार उपग्रह सीएमएस-01 का प्रक्षेपण किया। प्रक्षेपण अस्थायी तौर पर दोपहर 3:41 बजे निर्धारित था। संचार उपग्रह सीएमएस-01 ‘एक्सटेंडेड सी बैंड’ में सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है जिसके दायरे में भारत की मुख्य भूमि, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह होंगे। सीएमएस-01 देश का 42 वा संचार उपग्रह है।
https://twitter.com/isro/status/1339509861357297665
खास बात यह है कि सीएमएस-01 सैटेलाइट की वजह से टेली कम्यूनिकेशन सेवाओं में सुधार होगा। इसकी मदद से चीवी चेनलों की पिक्चर क्वालिटी सुधरने के साथ सरकार को आपदा प्रबंधन के दौरान भी मदद मिलेगी। यह सैटेलाइट 2011 में लांच की गई जीसैट-2 टेलीकम्युनिकेशन सैटेलाइट की जगह लेगी। सीएमएस-01 अगले सात साल तक सेवाएं देगी।
— ISRO (@isro) December 17, 2020
इसके बाद दो और सैटेलाइट Gisat-1 और माइक्रोसैट लॉच को तैयार है जो अगले साल की शुरुआत में प्रक्षेपित किए जाएंगे। इन उपग्रहों का कोड नेम बदला जा सकता है। GiSat 1 को मार्च इस साल प्रक्षेपित किया जाना था लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण रद्द करना पड़ा था। जिसके बाद इसरो के बजट पर कोरोना का असर पड़ा था। स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) या मिनी PSLV और साथ ही री युसेबल लॉन्च व्हीकल का परीक्षण भी अगले साल किया जाएगा।

