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Himachal में सूखे जैसे हालात, नए कमर्शियल कनेक्शनों पर लगाई रोक
शिमला। हिमाचल में इस बार बारिश और बर्फबारी (Rain Snowfall) कम होने से प्रदेश में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इससे विभाग की 720 छोटी बड़ी पानी की स्कीमें (Water Schemes) प्रभावित हो चुकी हैं और लोग जरूरत के पानी को तरसने लगे हैं। कई इलाकों में पेयजल स्रोतों का पानी सूख गया है। प्रदेश में वर्तमान में साढ़े नौ हजार स्कीमों से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार (State Govt) ने पानी के नए कमर्शियल कनेक्शनों पर भी जुलाई तक रोक लगा दी है। यह रोक भी प्रदेश में जल संकट को देखते हुए लगाई गई है। जल शक्ति विभाग (Jal Shakti department) ने पानी की कमी और सूखे के हालातों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। सूखा ग्रस्त एरिया में सीएम विभाग को हैंडपंप लगाने की अनुमति देंगे।
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इसके लिए सीएम की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी। सूखे के हालात से निपटने के लिए सरकार ने विधानसभा बजट सत्र में हैंडपंपों को लगाने पर लगी रोक को हटाने की बात कही थी। पिछले तीन सालों से प्रदेश में नए हैंडपंप लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहा है, लेकिन इस साल न अच्छी बारिश हो पाई है और न ही सर्दियों के मौसम में अच्छी बर्फबारी हुई है। इससे प्रदेश में सूखे के हालात अप्रैल में ही दिखना शुरू हो गए है। जलशक्ति विभाग के अनुसार प्रदेश में सूखे के हालात पैदा होने लग पड़े है। हर दिन पानी की स्कीमों में जल स्तर घट रहा है। वहीं सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने सभी जिला उपायुक्तों को अपने-अपने जिला में सूखे की स्थिति पर नजर रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि चारे की उपलब्धता की नियमित निगरानी भी करनी चाहिए ताकि किसानों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
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