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मणिपुर का ब्लैक राइस ‘चक-हाओ’: अमेरिका समेत 80 देशों में मांग, जानें इसकी खासियत
Black Rice ‘Chak-Hao’: भारत में चावल की सैकड़ों किस्में उगाई जाती हैं, लेकिन इनमें पूर्वोत्तर के मणिपुर में पैदा होने वाले काले चावल यानी ‘चक-हाओ’ (Chak-Hao) की बात ही अलग है। स्थानीय स्तर पर ‘ब्लैक एरोमैटिक राइस’ के नाम से मशहूर यह चावल अपनी अनूठी खुशबू, रंग और पोषक तत्वों के कारण देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धूम मचा रहा है। जीआई (GI) टैग प्राप्त यह चावल न सिर्फ मणिपुर की संस्कृति की पहचान है, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भारत की एक बड़ी ताकत बनता जा रहा है।

क्यों काला होता है यह चावल?
चक-हाओ का गहरा और आकर्षक रंग किसी कृत्रिम रंग के कारण नहीं, बल्कि एंथोसायनिन (Anthocyanin) नामक प्राकृतिक पिगमेंट की वजह से होता है। यह वही पिगमेंट है जो कई पौधों को लाल, बैंगनी और नीला रंग देता है।
क्यों खास है ‘चक-हाओ’?
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व: मणिपुर में चक-हाओ सिर्फ एक अनाज नहीं, बल्कि मैतेई समुदाय की सामाजिक-सांस्कृतिक रीतियों का अहम हिस्सा है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि प्राचीन काल में राजाओं के दरबार में भोजों और धार्मिक अनुष्ठानों में इसे विशेष रूप से परोसा जाता था।

त्योहारों की शान: यह रोजमर्रा के खाने की बजाय पारंपरिक त्योहारों और खास मौकों के व्यंजनों की थाली का मुख्य हिस्सा होता है। इसकी खुशबू और चिपचिपेपन का अनूठा मेल इसे दुनिया के अन्य काले चावलों से अलग बनाता है।
जीआई टैग (GI Tag): इस चावल को जीआई टैग मिलने से इसके उत्पादक क्षेत्र का अधिकार सुरक्षित हो गया है। इससे नकली या अन्य जगहों के चावल को चक-हाओ बताकर बेचने पर रोक लगी है और किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल रहा है।
दुनिया के 80 से अधिक देशों में मांग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के इस काले चावल के खरीदार दुनिया के 80 से अधिक देश हैं। इसमें अमेरिका सबसे बड़ा खरीदार है। इसके अलावा ब्रिटेन, यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और कई अफ्रीकी देशों तक इसकी सप्लाई की जा रही है।

मणिपुर में बड़े पैमाने पर खेती
काला चावल मणिपुर का पारंपरिक अनाज है। राज्य के बागवानी विभाग द्वारा ‘ऑर्गेनिक वैल्यू चेन मिशन’ के तहत घाटी के चार प्रमुख जिलों (विशेषकर बिष्णुपुर, थौबल और इंफाल) में बड़े पैमाने पर इसकी खेती को बढ़ावा दिया गया है। मणिपुर की यह खास वैरायटी अपनी विशिष्ट गुणवत्ता के कारण पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी है।
पंकज शर्मा
