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छह साल से कर रही थी मेहनत, नहीं मानी हार देखो अब बन गई तहसीलदार
मंडी जिला के धर्मपुर उपमंडल के तहत आने वाले मंडप गांव की निधि सकलानी ने 6 वर्षों की कड़ी मेहनत और तीसरे प्रयास में लोक सेवा आयोग की परीक्षा को उतीर्ण करते हुए तहसीलदार का रैंक हासिल किया है। निधि बताया कि शुरू से ही उसका सपना सिविल सर्विसेज में जाने का था। इसके लिए उसने छह वर्ष पहले तैयारी शुरू कर दी। लगातार दो अटैम्प्ट में सफलता नहीं मिली लेकिन निधि निराश भी नहीं हुई। निधि को पता था कि सिविल सर्विस में जाना ही उसका सपना है और सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। निधि ने और ज्यादा मेहनत की और तीसरे प्रयास में तहसीलदार बनकर ही ठानी।
धर्मपुर की बेटी ने तीसरे प्रयास में हासिल किया तहसीलदार का रैंक
निधि ने बताया कि एग्जाम की तैयारी के दौरान वह सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं थी। एक-आध बार उन्होंने फेसबुक या दूसरे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया लेकिन उनका पूरा फोक्स एग्जाम पर था। उन्होंने इंटरनेट का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए किया। फिलहाल, निधि एचएसएस एग्जाम की सफलता पर काफी खुश हैं।
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निधि की सारी स्कूली पढ़ाई शिमला के डीएवी स्कूल लक्कड बाजार से हुई है। यहीं से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई की और फिर बाद में सोलन से बीटेक की डिग्री पास की। उसके बाद से निधि ने एचएएस बनने की ठानी और इस परीक्षा की तैयारियों में जुट गई। निधि के पिता शिमला से ही पीडब्ल्यूडी विभाग से जेई की पोस्ट से रिटायर हुए हैं। वहीं, माता उर्मिल सकलानी शिमला में ही पीडब्ल्यूडी विभाग में वरिष्ट सहायक हैं। निधि के भाई नवीन सकलानी शिमला और सुंदरनगर में हेलीयोस कोचिंग एकडेमी चलाते हैं।

