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Panchayati Raj Elections/ Himachal /Election Commission
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में सरकारी भूमि, शामलात भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। साथ ही चिट्टा व हैराेइन तस्करी में चार्जशीटेड आरोपी पर भी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य पंचायतों में स्वच्छ, ईमानदार और निष्पक्ष छवि वाले प्रतिनिधियों का चयन सुनिश्चित करना है। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।सरकार के निर्देशों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ सरकारी या सामुदायिक भूमि पर अवैध कब्जे की मिसल बनी हुई है तो वह व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा। जब प्रत्याशी किसी भी पद के लिए नामांकन पर्चा भरेगा, चुनाव अधिकारी की ओर से उन्हें स्वयं सत्यापित फार्म दिया जाएगा। इसमें चिट्टे में संलिप्त, सहकारी बैंक से डिफाल्टर, लंबित ऑडिट रिकवरी और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न होने से संबंधित पांच कॉलम दिए होंगे। फार्म को स्वयं सत्यापित करने के बाद अगर इनमें से किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई होगी। प्रधान बनने के बाद भी जनप्रतिनिधियों को कुर्सी से हाथ धोना पड़ेगा।

