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कुल्लू में पागलनाला और चंबा के पंगोला नाला का तांडव, मलबे से बंद हुए रास्ते; 11 जुलाई तक राहत नहीं
Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही तबाही का दौर शुरू हो गया है। राज्य में अब तक सामान्य से 63 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कुल्लू और चंबा जिलों में बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 11 जुलाई तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
मुख्य मार्ग ठप, मलबे में तब्दील हुए हाईवे
कुल्लू में सुबह से हो रही भारी बारिश के बाद ‘पागल नाला’ में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ के साथ आया भारी मलबा हाईवे पर जमा हो गया है, जिसके चलते लारजी को सैंज से जोड़ने वाला मुख्य हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। उधर चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर स्थित पंगोला नाला में फ्लैश फ्लड आने से रास्ता ब्लॉक हो गया है। प्रशासन ने एहतियातन इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बांधों का बढ़ा जलस्तर: सैंज नदी के पास न जाने की चेतावनी
कुल्लू में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पार्बती-III पावर स्टेशन बांध का वाटर लेवल खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आज सुबह 11:30 बजे बांध से 50 क्यूसेक पानी सैंज नदी में छोड़ा जाएगा। इसके चलते सैंज नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
मौसम विभाग का अलर्ट: कल 3 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं चंबा, मंडी और शिमला में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने कल के लिए कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा निचले इलाकों में जलभराव और भारी धुंध (Fog) के कारण कम विजिबिलिटी (दृश्यता) का भी अलर्ट है। जनजातीय जिलों किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 6 से 10 जुलाई तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं हो सकती हैं।
प्रशासन की एडवाइजरी
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों सहित स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (Landslide Prone Areas) और ऊंचे पहाड़ी इलाकों का रुख न करें। यात्रा पर निकलने से पहले यातायात संबंधी सरकारी एडवाइजरी और रूट अपडेट का पालन अवश्य करें।
संजू चौधरी

