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Panchayat Representatives | Sukhu Govt | Educational Qualification |
हिमाचल प्रदेश में हाल में संपन्न पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में युवाओं की एंट्री बढ़ी है। मगर ज्यादा पढ़े-लिखे नेता स्थानीय राजनीति में नहीं आ रहे। स्टेट इलेक्शन कमीशन के अनुसार, 63 फीसदी जनप्रतिनिधि केवल 10वीं पास या इससे कम पढ़े-लिखे चुनाव जीते हैं। राज्य में 443 जनप्रतिनिधि अनपढ़, 13 हजार 786 मैट्रिक पास और 5 हजार 748, 10वीं से भी कम पढ़े-लिखे विजयी रहे। पंचायतों में चुने गए 31 हजार 002 जनप्रतिनिधियों में से एमए डिग्रीधारक केवल 1 हजार 251 , ग्रेजुएट 2 हजार 601 और 7 हजार 177 12वीं पास हैं। पंचायत चुनाव में 21 से 30 साल के 13% युवा और 31 से 40 साल आयु वर्ग के 10 हजार 848 प्रतिनिधि चुनाव जीतकर आए हैं। आंकड़े बताते हैं कि युवाओं की राजनीति में दिलचस्पी बढ़ी है। इसी तरह, 31 से 40 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवारों को भी जनता ने स्थानीय नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, शहरी निकायों में 41 से 50 साल के नेताओं का ज्यादा दबदबा है। राज्य में इस बार पंचायत चुनाव में लगभग 31,002 प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्य चुने गए, जबकि नगर परिषदों व नगर पंचायतों में 400 पार्षद और 4 नगर निगमों में 63 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं।

