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Rajinder Rana: कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश पर थोप रखा है संकीर्ण सोच वाला व्यक्ति
Political Crisis: शिमला। हिमाचल कांग्रेस के बागी राजेंद्र राणा (Rajinder Rana) लगातार सीएम सुक्खू (Cm Sukhu) पर हमला बोले हुए हैं। आए दिन फेसबुक के जरिए वह सीएम सुक्खू पर सवालों की बौछार कर रहे हैं। आज फिर राणा ने सीएम सुक्खू पर कई आरोप जड़े हैं। राणा ने लिखा है- ‘सत्ता के उन्माद में आकर चुने हुए प्रतिनिधियों पर झूठे मुकदमे बनाना और उनके कारोबार बंद करवाने के लिए पुलिस बल का सहारा लेने जैसा कृत्य एक संकीर्ण सोच वाला हुक्मरान ही कर सकता है। और यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि ऐसी सोच वाले व्यक्ति को कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश पर थोप रखा है।

सुक्खू का तानाशाही रवैया पूरा देश जानने लगा है
राणा ने आगे लिखा- ‘क्या यह सच नहीं है..! कुर्सी जाने के खौफ और अपना असली चेहरा जनता के सामने आने से अब हड़कंप में हैं मुख्यमंत्री सुक्खू..
अब जिस तरह से सुक्खू ने नौ विधायकों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू किया है और मोर्चा खोल रखा है, उससे अब प्रदेश के साथ-साथ पूरा देश उनके तानाशाही रवैया को जानने लग गया है। यह हकीकत भी जनता के सामने आ गई है कि वह अपने चुने हुए विधायकों को विकास की दृष्टि से भी और इंसानियत की दृष्टि से भी प्रताड़ित और जलील कर रहे थे। उनकी जलालत को और अधिक न सहते हुए इन नौ विधायकों ने स्वाभिमान को तरजीह दी और बगावत का बिगुल फूंक दिया।
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हमें कोसने से पहले अपने गिरेबान में झांके सुक्खू
सुक्खू को हमें कोसने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर यह देखना चाहिए कि प्रदेश में पैदा हुए इस हालात के लिए असली गुनहगार कौन है ..? उन्हें यह भी समझ लेना चाहिए कि लोकतांत्रिक प्रणाली में कोई परमानेंट नहीं है। जैसा बर्तन डालोगे, वह डबल होकर वापस भी मुड़ेगा। पूरा प्रदेश अब इस हकीकत को जान गया है कि 9 विधायक प्रदेश को बचाने के लिए संघर्ष की राह पर चले हैं और अब इन विधायकों के दबाव में आकर ही सुक्खू सरकार को भर्तियों के रिजल्ट निकालना का फैसला लेना पड़ा है।
नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों किया
जनता जानना चाहती है कि यह फैसला इतने लंबे समय तक लटका कर क्यों रखा गया और नौजवानों के भविष्य से क्यों खिलवाड़ किया गया। क्या यह हकीकत नहीं है कि जब चादर लगी फटने तो सुक्खू ओहदे लगे बांटने..असंतुष्ट नेताओं के हलकों की नगर कौंसिल में नॉमिनेट किए गए कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं को हटाकर आप क्या साबित करना चाहते हैं.. क्या सत्ता का खौफ दिखाकर आप डराने धमकाने की राजनीति में सफल हो जाएंगे ..?
जो अधिकारी मुख्यमंत्री के दबाव में आकर कानून की धज्जियां उड़ाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी समझ लेना चाहिए कि वक्त तेजी से बदलता है..’

