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हिमाचल में फिर से खुल गए स्कूल,गाइडलाइंस के तहत स्कूलों में चल रही कक्षाएं
कोरोना के खतरे के बीच आज से प्रदेश के स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू हो गई है। आज पहले दिन 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्र पहुंचे। स्कूल पहुंचते ही छात्रों व अध्यापकों की गेट पर ही थर्मल स्कैनिंग हुई है। इसके बाद उन्हें कक्षाएं में भेजा गया । कक्षाओं में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए तय किए गए सिटिंग प्लान के तहत एक बैंच पर केवल एक ही छात्र बैठा है। आज सुबह जब छात्र स्कूल पहुंचे तो ना कोई प्रार्थना सभा हुई और न ही खेल गतिविधियां होनी है। इतना ही नहीं छात्रों को स्कूल परिसर में एक साथ खड़े होने की अनुमति नहीं है। साथ ही लंच ब्रेक और आने-जाने का समय कक्षावार अलग-अलग है।
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सप्ताह के पहले तीन दिन 10वीं व 12 के छात्र स्कूल पहुंचे हैं जबकि अगले तीन दिन 9वीं व 11वीं कक्षा के छात्र स्कूल आएंगे। जो बच्चे स्कूल नहीं आ पाएं हैं उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। ये छात्र घर पर रहकर आनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। स्कूलों में जहां पर आज कक्षाएं लगी है उनको कक्षाओं को पूरी तरह से सैनिटाइज कर दिया गया था। कक्षाओं में प्रवेश से पूर्व सैनिटाइजर और हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था भी की गई है।
ऊना में उच्च शिक्षा उपनिदेशक जनक सिंह पहुंचे स्कूल
ऊना में नए मानकों को बताने के लिए शिक्षण संस्थानों के प्रभारियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारी भी फील्ड में डट गए हैं। करीब 2 महीने के बाद फिर खुले स्कूलों में कोविड-19 रूप व्यवहार पर फोकस किया जा रहा है। जिसके तहत बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग, अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करने और बार-बार हाथों को साबुन से धोते रहने की हिदायतें जारी की गई है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक जनक सिंह खुद इस दौरान स्कूलों में पहुंचे और उन्होंने स्कूल खोलने को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सरकार के नए आदेशों के अनुसार सप्ताह के पहले 3 दिन बोर्ड कक्षा 10वीं और जमा दो को ऑफलाइन क्लासेज में बुलाने का फैसला लिया गया है। वही सप्ताह के अंतिम 3 दिनों में नवमी और + 1 के बच्चे स्कूल आकर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 रूप व्यवहार को हर हालत में लागू किया जा रहा है। जनक सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आने पर फौरन अपने स्कूल के प्रभारियों या शिक्षकों को इसकी सूचना देना सुनिश्चित करें। ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर कोरोनावायरस के संक्रमण को रोका जा सके। स्कूलों में पहुँच रहे छात्रों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। दोबारा स्कूल खुलने के पहले दिन छात्रों के मुकाबले छात्राओं की संख्या ज्यादा देखने को मिली। विद्यार्थियों की माने तो ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन पढ़ाई के मुकाबले ज्यादा बेहतर है इसलिए स्कूल खुले रहने चाहिए ताकि वो अपनी पढ़ाई सुचारु रूप से चलाये रखे।

