Covid-19 Update

2,62,087
मामले (हिमाचल)
2, 42, 589
मरीज ठीक हुए
3927*
मौत
39,799,202
मामले (भारत)
355,229,273
मामले (दुनिया)

नागिन के हो गए दो टुकड़े, 19 घंटे रही जिंदा…कैसे यह रही वजह

मध्यप्रदेश में पेश आई घटना, लोगों ने मिल कर किया अंतिम संस्कार

नागिन के हो गए दो टुकड़े, 19 घंटे रही जिंदा…कैसे यह रही वजह

- Advertisement -

बचपन से ही हम नाग-नागिन (Serpent) की फिल्में-सीरियल और बड़े-बुजुर्ग से इनके किस्से सुनते आए हैं कि किस प्रकार नाग-नागिन अपना बदला लेते हैं। इसके उल्ट हम आपको एक अनोखी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस पर आपको यकीन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। दरअसल, मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खगरोन में जेसीबी (JBC) मशीन से वेस्ट मटीरियल (Waste Material) हटाया जा रहा था। इसी दौरान जेसीबी के पंजे से एक नागिन के दो हिस्से हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नागिन के दो टुकड़े होने के बावजूद वह कई घंटों तक जिंदा (Alive) रही। इस दौरान वह फन फैलाए हुए थी। अगर कोई उसके पास जाने की कोशिश भी करता तो वह डंसने की भी कोशिश करती, लेकिन वो चल नहीं पा रही थी।

यह भी पढ़ें: जिंदा रहने के लिए खुद को बना दिया रोबोट, ऐसी है यह रोचक कहा

नागिन को देखने के लिए लग गई भीड़

लोगों का दावा है कि घायल नागिन फन फैलाए कई घंटे वहीं जमीन पर पड़ी रही। पास ही उसके शरीर का दूसरा हिस्सा पड़ा था। घटना की जानकारी मिलते ही कई लोग वहां पहुंचे और नागिन के पास दूध (Milk) से भरा कटोरा रखा और उसकी पूजा की गई। इतना ही नहीं, शास्त्रों का वाचन और मांगलिक सुनाई गई। दावा किया जा रहा है कि शरीर अलग होने के बाद भी नागिन 19 घंटे जिंदा रही। जब उसका निधन (Death) हो गया तो लोगों ने उसका अंतिम संस्कार किया।

19 घंटे तक फन फैलाए खड़ी रही

करीब 19 घंटे तक नागिन फन फैलाए खड़ी रही। दर्द के साथ उसका गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। कटने के दूसरे दिन नागिन ने दम तोड़ दिया। इसके बाद नागरिकों ने विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया। स्थानीय लोग अब भी आश्चर्यचकित हैं कि आधा शरीर कटने के बावजूद नागिन 19 घंटे तक लगातार एक ही स्थान पर खड़ी कैसे रही।

इस वजह से हुई देर से मौत

मीडिया रिपोर्ट (Media Report) के अनुसार, एक पशु चिकित्सक ने बताया कि सांप का दिल (Heart) और मस्तिष्क ऊपरी‎ हिस्से में होता है। हादसे में नागिन का पिछला हिस्सा कटा था। इस वजह से नागिन के हार्ट और मस्तिष्क में ऑक्सीजन (Oxygen) की सप्लाई हो रही थी और इस वजह से वह काफी देर तक जिंदा रह सकी।। जैसे-जैसे उसके शरीर में से खून (Blood) कम होने लगा तो ऑक्सीजन की कमी हुई और उसकी मौत हो गई।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

- Advertisement -

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है