-
Advertisement
खास होता है IAS को मिलने वाला आईडी कार्ड, इसके बिना नहीं मिलती ट्रेनिंग
हमारे देश में यूपीएससी (UPSC) को सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। यूपीएससी की परीक्षा क्लियर करने के बाद देश-विदेश में सरकार के अलग-अलग विभागों में उच्च पदों पर नौकरी मिलती है। आज हम आपको आईएएस, आईपीएस और आईआरएस के आईडी कार्ड के बारे में जानकारी देंगे।
यह भी पढ़ें- ऐसे शुरू हुआ साड़ी पहनने का चलन, यहां जानिए हैरान कर देने वाला इतिहास
गौरतलब है कि यूपीएससी का एग्जाम क्लियर करने के बाद कैंडिडेट्स ट्रेनिंग के लिए एलबीएसएनएए (LBSNAA) जाते हैं। यहां हर कैंडिडेट को अलग-अलग चीजें सिखाई जाती हैं, जो कि आगे चलकर उन्हें फील्ड में काम आती हैं। बता दें कि एलबीएसएनएए में ट्रेनिंग लेने के लिए कैंडिडेट्स को आईडी कार्ड दिया जाता है। इस आईडी कार्ड पर कैंडिडेट की जानकारी दी गई होती है। इसके बिना उन्हें एकेडमी में एंट्री नहीं मिलती है।
ऐसा होता है आईडी कार्ड

जानकारी के अनुसार, इनके आईडी कार्ड (Id Card) पर सबसे ऊपर भारत सरकार लिखा होता है, फिर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग होता है। इसके बाद इसके नीचे कैंडिडेट्स का नाम इंग्लिश और हिंदी दोनों में लिखा होता है। वहीं, नाम के साथ आईएएस और आईपीएस भी लिखा होता है। नाम के नीचे एक तरफ आईडी नंबर और एक तरफ कार्डधारक के साइन होते हैं। फिर सबसे नीचे अंग्रेजी में एलबीएसएनएए लिखा होता है।
बता दें कि एलबीएसएनएए उत्तराखंड (Uttarakhand) के मसूरी में है। एलबीएसएनएए की स्थापना 1959 में आईएएस ट्रेनिंग स्कूल, दिल्ली और आईएएस स्टाफ कॉलेज, शिमला को मिलाकर नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के रूप में हुई।
