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प्रेरित कर देगी तबस्सुम की कहानी, महिलाओं को रसोई से लेकर रैंप तक दिलाई पहचान

दूसरों की कहानियां लिखने से की थी तबस्सुम ने अपने करियर की शुरुआत

प्रेरित कर देगी तबस्सुम की कहानी, महिलाओं को रसोई से लेकर रैंप तक दिलाई पहचान

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घरेलू महिलाएं घर की चार दीवारी में कैद रहती हैं कला से भरपूर होने के बाद भी उनकी ज़िंदगी रसोई तक सीमित रह जाती है। उन्हें भी हक़ है कि वह घरेलू कामकाज से बाहर निकलें और अपनी कला का प्रदर्शन करें। ऐसी औरतों के हौसलों को उड़ान मिले इसके लिए एक ऐसी शख्सियत आगे आयी है जिसके बारे में जानकर आपको काफी गर्व महसूस होगा।बात की जा रही है डैजल इंडिया इंटरनेशनल की डायरेक्टर तबस्सुम की। इनकी कहानी सभी को बहुत प्रेरित करेगी। चलिए आपको रूबरू करवाते हैं उनकी ज़िंदगी के कुछ अनसुने किस्सों से।

घरेलू महिलाओं को दिलाई पहचान

तबस्सुम ने अपने करियर की शुरुआत दूसरों की कहानियां लिखने से की पर कौन जनता था कि एक दिन उनके जीवन पर भी कुछ लिखा जाएगा। ऐसे ही दूसरों के बारे में लिखते लिखते एक दिन किस्मत पलटी और उन्हें खूबसूरती का कद्रदान बना दिया। आज वह मिडिल क्लास महिलाओं को पहचान का प्लेटफॉर्म देती हैं ये वहीं औरतें हैं जो न तो अंग्रेजी बोल पाती और न ही किसी संस्था से जुड़ी हैं लेकिन आज कुछ अलग कर रही हैं।

रेडियो एनाउंसर से की करियर की शुरुआत

तबस्सुम का कहना है कि जब उन्होंने इन घरेलू महिलाओं के लिए काम करना शुरू किया तब वह रेडियोएनाउंसर थीं और इसी दौरान तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते हुए वह ब्यूटी कांटेस्ट ऑर्गेनाइजर बन गईं। उन्होंने भारत में कई जगह पर कार्यक्रम करवाए हैं। खास बात यह है कि वह आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर साउथ कोरिया में एक ब्यूटी पेजेंट में भारत को रिप्रेजेंट करेंगी। जहां वह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।

संघर्ष भरा रहा बचपन

तबस्सुम दिल्ली की रहने वाली हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के माता सुंदरी कॉलेज से उन्होंने पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन काफी तकलीफों में गुज़रा। उन्हें बुनियादी ज़रूरतों के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। उनके लिए तब सपने देखना बहुत दूर की बात थी। कभी सोचा ही नहीं था की वह ये सब कर कर भी पाएंगी। पर कहते हैं न कि हौसलें बुलंद हो तो दुनिया की कोई भी ताकत तुम्हारा रास्ता नहीं रोक सकती। तबस्सुम के साथ भी यही हुआ। यही वजह है कि आज वो भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी अपनी पहचान बना रही हैं।

शादी के बाद आया करियर में यू-टर्न

तबस्सुम ने विशेष बातचीत में बताया कि एक समय ऐसा आया जब उनके करियर पर ब्रेक लग गयी थी। बच्चे हो जाने के बाद ज़िंदगी में ख़ुशी तो आयी लेकिन कहीं न कहीं बाहर की दुनिया में उन्होंने जो पहचान बनाई वह कई गुम होती जा रही है। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इस बीच एक दिन ऐसा आया जब वह बेटी को किसी किड्स कॉन्टेस्ट में हिस्सा दिलाने के लिए ले गई। वहीं से ख्याल आया कि जब बच्चों के लिए रैम्प शो हो सकते हैं तो क्यों न शादीशुदा महिलाओं के लिए भी ऐसा प्लेटफॉर्म बने। तब उन्होंने 2016 में पति की मदद से अपनी कंपनी “परिसा कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड” की शुरुआत की। मिसेज दिल्ली-एनसीआर नाम से पहला कार्यक्रम किया। शो कामयाब रहा। इसके खूब चर्चे हुए।इसके बाद तबस्सुम ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मानों जीवन में जो कमी थी वो पूरी हो गयी हो। फिर तो अलग-अलग शहरों में ब्यूटी पेजेंट कराने लगी। इसके जरिए उन्हें दुनिया घूमने और अलग-अलग कल्चर को समझने का मौका मिला। देश ही नहीं विदेशों में कार्यक्रम किए। थाईलैंड, फ़िलीपींस, श्रीलंका में ब्यूटी पेजेंट किए।

कैंसर को लेकर भी कर रही जागरूक

तबस्सुम ने गोवा, तेलंगाना, दिल्ली आदि शहरों में उन्होंने घरेलू महिलाओं के लिए ब्यूटी कांटेस्ट कराए हैं। गोवा में डैजल मिसेज एशिया, डैजल मिसेज इंडिया यूनिवर्स, डैजल मिसेज़ इंडिया इंटरनेशनल, डैजल मिसेज इंडिया वर्ल्ड तो खासे चर्चित रहे। इसी तरह डैजल मिसेज दिल्ली एनसीआर, डैजल मिसेज तेलंगाना का भी आयोजन कराया। तबस्सुम ने लगभग एक हजार लड़कियों को चारदिवारी से निकाल कर एक मजबूत एंटरप्रेन्योर बनाया है। इनमें से चार महिलाओं ने तो इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई है। लखनऊ की यामिनी डोंगरा कोक विथ कैंसर ड्राइव से जुड़ी हैं जो हेयर डोनेट के लिए लोगों को जागरूक करती हैं।

कैंसर सरवाइवर को भी रैम्प पर उतारा

उन्होंने कई कैंसर सरवाइवर को भी रैम्प पर उतारा है। तबस्सुम के सीजन 2 ब्यूटी कांटेस्ट की विनर कैंसर सरवाइवर पूनम झा चुंग थीं। वो आज बेंगलुरु में जॉब कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं पर उन्हें गर्व महसूस होता है। तबस्सुम ने बताया कि जहां-जहां ब्यूटी कांटेस्ट होते हैं वहां ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूकता भी फैलाई जा रही है। सियोल में होने वाले कार्यक्रम में भी कैंसर के प्रति अवेयरनेस फैलाना उनका लक्ष्य है।तबस्सुम ने अपनी एक ख्वाहिश का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि मिस एंड मिसेज यूनाइटेड नेशंस में अलग-अलग यूरोपीय और एशियाई देशों में कांटेस्ट हो और वह इंडिया को रिप्रजेंट करना चाहती हैं। 

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फोटोः tabassumhaq

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