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यूपी CM योगी ने हाथरस गैंगरेप पीड़िता के पिता से की बात: 25 लाख रुपए, घर और नौकरी का ऐलान
हाथरस/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बुधवार को हाथरस गैंगरेप पीड़िता (Hathras gangrape victim) के पिता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़िता के परिजनों को 25 लाख रुपए की मदद, घर और सरकारी नौकरी (Govt Job) देने का ऐलान किया है। बता दें कि इससे पहले पीड़िता के परिवार को मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपए देने का ऐलान किया था। वहीं, अब मामले पर सियासत का दौर शुरू होने के बाद सरकार द्वारा मुआवजे को बढ़ाने के साथ ही अन्य ऐलान किए गए हैं। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर सीएम योगी से बात कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही थी। जिसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
मौत हुए 24 घंटे से अधिक का वक्त हो चुका था; सड़ने लगा था शव!
बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में गेंगरेप और हिंसा का शिकार हुई 19 वर्षीय युवती ने मंगलवार को दिल्ली स्थित एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिसके बाद पीड़िता के परिवारवालों के कभी ना भरने वाले जख्म पर मरहम लगाने की जगह यूपी पुलिस (UP Police) ने उनके जख्मों पर नमक छिड़क दिया। पुलिस ने अपनी मर्जी से हैवानियत की शिकार लड़की का रात रात 2:30 बजे अंतिम संस्कार कर दिया। इस सब के बीच जबरन अंतिम संस्कार किए जाने आरोपों पर उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सफाई पेश करते हुए इस बात का दावा किया कि परिवारवालों की सहमति के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया था। उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सफाई पेश करते हुए कहा था कि पीड़िता की मृत्यु 29 सितंबर की सुबह हुई थी और पोस्टमार्टम के बाद डेडबॉडी खराब हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने परिवार की सहमति से पीड़िता का अंतिम संस्कार किया।
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गैंगरेप पीड़िता की मौत और देर रात को हुए अंतिम संस्कार को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं राज्य की योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। मामले की जांच करने के लिए सीएम योगी ने एसआईटी गठित करने का ऐलान किया है। गृह सचिव की अध्यक्षता वाली इस तीन सदस्यीय टीम में डीआईजी चंद्र प्रकाश और आईपीएस अधिकारी पूनम को सदस्य बनाया गया है। सीएम ने पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए टीम को घटना की तह तक जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समयबद्ध ढंग से जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं।
